NATIONALअपराध जगतदेश-दुनिया
Trending

सुरक्षाकर्मियों की आंखों में मिर्ची झोंक जेल से भागे 16 कैदी, देखिए वीडियो

राजस्थान के जोधपुर के उप कारागृह से 16 कैदी फरार हो गए हैं।

www.media24media.com

राजस्थान के जोधपुर के उप कारागृह से 16 कैदी फरार हो गए हैं। सोमवार रात 8 बजे की इस घटना ने पुलिस और जेल प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। घटना को जिस तरह से अंजाम दिया गया है वह देखकर अधिकारी स्तब्ध हैं। फिलहाल फरार कैदियों की तलाश की जा रही है।

बताया जा रहा है कि शाम के बाद कैदियों को बैरक में डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान कैदियों ने सिपाहियों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसके बाद वहां तैनात सिपाहियों की आंख में मिर्ची और सब्जी का घोल फेंक दिया। अभी कोई समझ ही पाता तब तक 16 कैदी मौके से फरार हो गए।

पढ़ें:- खम्हारडीह थाने में पदस्थ SI की हार्ट अटैक से मौत, खुद ही बाइक चलाकर अस्पताल गए थे SI

जानकारों का कहना है कि कोई आकस्मिक घटना प्रतीत नहीं हो रही है। ऐसा लग रहा है कि इसकी पूरी तैयारी की गई थी। माना जा रहा है कि पहले से ही जेल के बाहर एक स्कार्पियो खड़ी थी, जिसमें बैठकर कैदी फरार हुए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद एक-एक कर के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे।

पूरे इलाके में नाकाबंदी

पूरे इलाके में जबरदस्त नाकाबंदी कर दी गई है। साथ ही पड़ोसी जिलों में भी अलर्ट भेज दिया गया है। इससे पहले 2010 में चित्तौड़गढ़ की जिला जेल से एक साथ 23 कैदी फरार हुए थे। इस घटना के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। पुलिस कैदियों की तलाश में लगी हुई है।

CCTV में घटना कैद

पुलिस के पास CCTV फूटेज भी मिला है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैदी कैसे फरार हो रहे हैं। साथ ही वहां पहले से मौजूद वाहन में कैसे सवार हो रहे हैं। पुलिस अब उन लोगों की तलाश में लगी है जो इस मामले में साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।

जोधपुर जेल से फरार हुए बंदी

  1. सुखदेव
  2. शौकत अली
  3. अशोक
  4. प्रदीप
  5. राजकुमार
  6. जगदीश
  7. प्रेम
  8. अनिल
  9. श्रवण
  10. मोहन
  11. रामशंकर
  12. मुकेश
  13. शिवप्रताप
  14. हनुमान
  15. श्यामलाल
  16. महेंद्र

क्षमता से ज्यादा बंदी

बता दें कि जोधपुर जिले की फलोदी उप कारागृह में क्षमता से अधिक बंदी थे। यहां की क्षमता ​सिर्फ 17 बंदी हैं। जबकि सोमवार को जेल में 60 बंदी थे। फलौदी जेल के लिए जेलर सहित 16 का स्वीकृत स्टाफ है, लेकिन नियुक्त 9 ही हैं। 3 मार्च को जेलर निलंबित होने से यह पद भी रिक्त है। वारदात के समय 4 कर्मचारी ही थे। जबकि 5 अवकाश पर बताए गए हैं। जेल की सुरक्षा के लिए अलग से स्टाफ की व्यवस्था नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close