पड़ताल

किडनैपर से बच्ची को बचाने के लिए 202 KM नॉन स्टॉप दौड़ी ट्रेन

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आपको धर्मेंद्र और विनोद खन्ना की फिल्म द बर्निंग ट्रेन का सीन याद है, जब ट्रेन लगातार ट्रैक पर दौड़ रही होती है. बिना किसी स्टेशन पर रुके ट्रेन छुक छुक करके भाग रही होती है. मकसद सिर्फ एक ही होता है जान बचाना. कुछ ऐसा ही रा वन फिल्म में भी देखने को मिला. ऐसी बहुत सी मूवीज आपने देखि होंगी जब रेल गाड़ी बिना रोक टोक के चल रही होती है. कुछ ऐसी ही फिल्मी कहानी असलियत में देखने को मिली. रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ होगा. जब एक मासूम को बचाने के लिए ट्रेन (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) लगातार दौड़ती रही. क्यूंकि अगर ट्रेन रुक जाती तो शायद वो मासूम कहीं खो जाती.

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भारतीय रेल पर गर्व

वैसे तो ये कहानी पूरी फिल्मी है पर असलियत सुनकर आपको भारतीय रेल पर गर्व होगा. बच्ची को बचाने के लिए ट्रेन 202 किलोमीटर तक नॉन स्टॉप दौड़ती रही. ट्रेन को तब रोका जब सुरक्षाबलों ने पूरी तैयारी कर ली थी. किडनैपिंग की ये कहानी है उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के आजादपुरा की. जहां तीन साल की मासूम काव्या करीब ग्यारह बजे घर के बाहर खेल रही थी. खेलते खेलते बच्ची लापता हो गई.

परिवार वाले चिंता में आ गए. खोज बिन शुरू हुई. इसके बाद आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले. कैमरे में अपहरणकर्ता कैद हो गया. ललितपुर के जीआरपी सब इंस्पेक्टर ने जानकारी दी कि बच्ची ने गुलाबी रंग के कपड़े पहने है, और अपहरणकर्ता ने क्रीम कलर की शर्ट और काले रंग का लोअर पहन रखा है. साथ ही ये शख्स राप्ती सागर एक्सप्रेस में चढ़ता हुआ नज़र आया. जो की भोपाल की ओर जा रही थी. ये फुटेज तुरंत ही भोपाल आरपीएफ और जीआरपी को भी भेज दी गई, साथ ही भोपाल पुलिस को भी सुचना दी गई.

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रेलवे पुलिस ने जाल बिछा कर शिकार का इंतज़ार किया

यहीं से शुरू हुआ फ़िल्मी खेल. जवानों को सचेत कर दिया गया, रेलवे पुलिस (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) जाल बिछा कर शिकार का इंतज़ार करने लगी. बच्ची को बचाने के लिए पुरे ऑपरेशन में डर इस बात का था की अगर ट्रेन कहीं रूकती तो अपहरणकर्ता बच्ची को लेकर फरार हो जाता. रेलवे ने ललितपुर से भोपाल के बीच ट्रेन को नॉनस्टॉप दौड़ाया. जवानों को निर्देश दिया गया अपनी पैनी नज़र बनाये रखे अपहरणकर्ता को शक नहीं होना चाहिए. इधर ट्रेन दौड़ रही थी उधर जवान इंतज़ार में बैठे थे. जैसे ही ट्रेन तकरीबन रात 8 बजकर 43 मिनट पर भोपाल स्टेशन पर पहुंची, जवानों ने अपहरणकर्ता को धर लिया गया.

आरपीएफ की तेज कार्यवाही और सूझ बुझ के कारण एक बच्ची की जान बच गई. रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने भी इस मामले पर ट्वीट कर तारीफ़ की. फिलहाल बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया गया है. अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है.

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