Chhattisgarh Newsआज खासआयोजनछत्तीसगढ़ न्यूजपर्व-विशेषरायपुर

डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मनाया गया छठ पर्व

www.media24media.com

रायपुर। महादेव घाट में छठ के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। खरना के अगले दिन निर्जला उपवास किया जाता है। दिनभर पूजा की तैयारी के बाद शाम को नदी या जलाशय के पास डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। हालांकि अब घर पर भी लोग अर्घ्य देने लगे हैं।

अस्ताचलगामी भगवान सूर्य की पूजा कर यह दिखाने की कोशिश की जाती है कि जिस सूर्य ने दिन भर हमारी जिंदगी को रोशन किया, उसके निस्तेज होने पर भी हम उनका नमन करते हैं। छठ पूजा के मौके पर नदियां, तालाब, जलाशयों के किनारे पूजा की जाती है। इससे सफाई की प्रेरणा मिलती है। शाम के पहले अर्घ्य के बाद सभी लोग गीत गाते हुए घर लौट आते हैं। रात में घर की महिलाएं छठी माई की महिमा को गीतों के जरिए सुनाती हैं और सुबह का इंतजार करती हैं।

छठ घाट में कम थी भीड़

इस साल कोरोना वायरस का कई तीज त्योहारों पर प्रभाव साफ देखने को मिला। मार्च के बाद से लोगों ने घर पर रहकर ही त्योहार मनाया, लेकिन कोरोना का प्रभाव छठ पर्व पर देखने को नहीं मिला। लोग छठ करने छठ घाट पर पहुंचे, हालांकि भीड़ कम थी। हर वर्ष छठ घाटों में जितनी भीड़ होती थी,उसकी तुलना में इस वर्ष 10 प्रतिशत ही भीड़ देखी गई।

छत्तीसगढ़ में था सार्वजनिक अवकाश

राज्य शासन ने छठ पर्व पर आज एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। राज्य के सभी सरकारी कार्यालय और संस्थान आज बंद रखे गए थे। कोविड के नियमों का पालन करते हुए छठ पर्व मनाए जाने के लिए आदेश जारी किए गए थे।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close