रायपुर

छत्तीसगढ़ में मौसम ने बदली करवट, शीतलहर से बचाव हेतु दिशा-निर्देश जारी

निःसहाय-निर्धन लोगों सहित वृद्धजनों के बचाव हेतु समुचित प्रबन्ध करने के निर्देश , शीतलहर से बचाव के लिए जनसाधारण से सजगता बरतने की अपील

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बीजापुर। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में शीतलहर से बचाव (cold wave in chhattisgarh) के लिए दिशा-निर्देश जारी कर जन-साधारण से शीतलहर की स्थिति (Cold wave conditions) उत्पन्न होने पर बचाव के लिए सजगता बरतने की अपील की गयी है। वहीं शीतलहर की स्थिति में निःसहाय, निर्धन, आवासहीन लोगों सहित वृद्धजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराये जाने के निर्देश सर्व-सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं।

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राज्य शासन (State government) द्वारा शीतलहर से बचाव के लिए आम जनता से आग्रह किया गया है कि शीतलहर के दौरान यथासंभव घर पर रहें और अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर जायें। मौसम सम्बन्धी समाचार तथा आपातकाल की सूचना को ध्यान से सुनें। वृद्धजनों तथा बच्चों का ध्यान रखें तथा उन्हें अकेला न छोडें। बिजली आपूर्ति आपातकाल में भी चालू रखें। ऐसे आवास का उपयोग करें जिसमें तापमान सही रहता है।

गर्म पेय का सेवन

इस दौरान आवश्यकता के अनुरुप गर्म पेय का सेवन (Hot drink) करें। बिजली का प्रवाह अवरुद्ध होने पर रेफ्रिजरेटर में खाने के सामान को 48 घंटे से अधिक न रखें। शीतलहर (cold wave in chhattisgarh) से बचाव के लिए टोपी या मफलर का उपयोग करें यथासंभव सिर एवं कान को ढककर रखें। केरोसिन एवं कोयला के हीटर का उपयोग करने पर गैस व धुंए निकलने के लिए रोशनदान की व्यवस्था रखें। स्वास्थ्यवर्धक खाने का उपयोग करें। यदि सर्दी से सम्बन्धित कोई प्रभाव शरीर पर दिखायी पडे़ जैसे नाक, कान सहित पैर-हाथ की उंगलियां आदि लाल हो तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेवें।

असामान्य तापमान की स्थिति सहित अत्यधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लेवें। राज्य शासन द्वारा शीतलहर से बचाव के लिए निःसहाय, निर्धन लोगों यथा आवासहीन, दैनिक मजदूरों, रिक्शा चालकों आदि के लिए रैन बसेरा या अस्थायी शरण स्थलों पर ठहरने की समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश स्थानीय प्रशासन तथा सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं।

शीत प्रकोप से बचाव

इसके साथ ही रैन बसेरा या अस्थायी शराण स्थलों में पर्याप्त कम्बल रखे जाने कहा गया है। वहीं शीत प्रकोप से बचाव हेतु आवश्यकता के अनुरुप पर्याप्त मात्रा में अलाव की व्यवस्था किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। शीत प्रकोप से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का भंडारण सहित चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही हरेक जिले में आवश्यकता के अनुरुप चिकित्सा दल गठित किये जाने के निर्देश दिये गए हैं। वहीं शीतलहर से बचाव एवं प्रबन्धन के लिए यूनीसेफ, रेडक्रास सोसायटी आदि स्वयंसेवी संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं से आवश्यक सहयोग लेने कहा गया है।

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