रायपुर

Chhattisgarh Vidhansabha : आज सदन में छाया रहा किसानों का मुद्दा, पक्ष और विपक्ष आमने -सामने

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रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा (Chhattisgarh Vidhansabha) का दो दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन आज कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी संशोधन विधेयक सदन (Vidhansabha) में प्रस्तुत किया। इस विधेयक में निजी मंडियों को डीम्ड मण्डी घोषित करने, राज्य सरकार के अधिसूचित अधिकारियों को मण्डी की जांच का अधिकार, अनाज की आवाजाही निरीक्षण में जब्ती का अधिकार, निजी मण्डियों में अधिकारियों को भंडारण की तलाशी का अधिकार, मण्डी समिति और अधिकारियों पर वाद दायर करने का अधिकार, इलेक्ट्राॅनिक ट्रेडिंग प्लेटफाॅर्म और आॅनलाइन भुगतान संचालन राज्य सरकार द्वारा बने नियम के तहत करने और जानकारी छिपाने तथा गलत जानकारी देने पर सजा और जुर्माना का प्रावधान है।

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विपक्षी दल ने उठाया धान खरीदी का मसला

इससे पहले, विपक्षी सदस्यों ने सरकार से मांग की कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी एक दिसंबर के बजाय एक नवंबर से शुरू की जाए। विपक्षी सदस्यों का कहना है कि एक नवंबर से धान खरीदी शुरू नहीं हुई तो किसानों का धान सूखत में आ जाएगा और इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। भाजपा सदस्यों का कहना था कि केन्द्र सरकार ने साठ लाख मीटरिक टन चावल लेने के लिए हामी भरी है तो छत्तीसगढ़ सरकार को किसानों से प्रति एकड़ बीस क्विंटल धान खरीदी करनी चाहिए।

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नवंबर से हो धान खरीदी

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि धान की कटाई शुरू हो गई है, ऐसे में एक नवंबर से धान खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष सत्र बुलाने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार अध्यादेश लागू कर सकती थी तो विशेष सत्र बुलाने की क्या आवश्यकता थी। विपक्षी सदस्यों ने एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग को लेकर सदन में नारेबाजी भी की।

किसान जानें सरकार क्या कर रही है?

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने राज्य सरकार द्वारा लाए गए कृषि उपज मण्डी संशोधन विधेयक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयक के विरोध में यह संशोधन पूर्णरूप से असंवैधानिक है। विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने जो संशोधन विधेयक आज पेश किया है, वह केन्द्र के कानून को प्रभावित नहीं करता है, बल्कि यह संशोधन विधेयक प्रदेश के किसानों के हितों की रक्षा के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है ताकि संशोधन विधेयक पर चर्चा हो और किसान जान सकें कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है।

सदन में दी गई श्रद्धांजलि

आज विधानसभा (Vidhansabha) की कार्यवाही शुरू होने पर सबसे पहले सदन में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित नौ दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन द्वारा आज जिन नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, उनमें पूर्व मंत्री चनेश राम राठिया, अविभाजित मध्यप्रदेश के सदस्य लुईस बेक, मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य डाॅक्टर चंद्रहास साहू, डाॅक्टर राजेश्वरी प्रसाद त्रिपाठी, शशिप्रभा देवी, देवप्रसाद आर्य, पूर्व मंत्री माधव सिंह ध्रुव और पूर्व मंत्री तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम (प्रोटेम) स्पीकर महेन्द्र बहादुर सिंह शामिल हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डाॅक्टर चरणदास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित पक्ष और विपक्ष के अनेक सदस्यों ने दिवंगत नेताओं के व्यक्तित्व और उनके द्वारा समाज को दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में सदन में इन दिवंगत नेताओं के सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया।

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