छत्तीसगढ़ न्यूजरायपुर

लिपिक संघ : शुभम पात्र आत्महत्या मामले में FIR व न्यायिक जाँच की मांग को लेकर सभी जिला मुख्यालयों में लिपिक संघ करेंगे प्रदर्शन

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गरियाबंद : जिले के लिपिक शुभम पात्र (Subham Patr Suicide)के आत्महत्या मामले में दोषियों के खिलाफ अब तक अपराध पंजीबद्ध नहीं हुआ है. लिपिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि गरियाबंद के साथियों से चर्चा हुई, चर्चा में बात सामने आई कि, प्रशासन जांच टीम बनाकर मामले में लीपा पोती में लगा हुआ है और दोषी को बचाने अधिकारी एकजुट है. मृतक साथी की मां की शिकायत एवं सोसाइट नोट ही एफआईआर के लिए पर्याप्त है परन्तु अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई. पूरी वास्तु स्थति की जानकारी लेने के बाद संघ के संरक्षक चंद्रिका सिह एवं वरिष्ठ साथियों से चर्चा में संघ को प्रदेश स्तर पर दबाव बनाने पर सहमति बनी.

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Subham Patr Suicide case में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री के नाम सौपेंगे ज्ञापन

कल 19 अक्टूबर सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यालयों में शुभम की आत्महत्या (Subham Patr Suicide case) के दोषियों पर अपराधिक मामला दर्ज करने एवं न्यायिक जांच की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री, गृहमंत्री के नाम का ज्ञापन सोपने का निर्णय लिया गया है. प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंस एवं कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए ज्ञापन दिया जाना है. प्रदर्शन के माध्यम से अपने मृतक साथी को न्याय दिलाने की इस मुहिम में प्रदेश के सभी जिलों के लिपिक शामिल होंगे. उक्ताशय की जानकारी रोहित तिवारी व सुनील यादव ने दी.

तहसील कार्यालय में पदस्थ 23 वर्षीय शुभम ने की थी आत्महत्या

ज्ञात हो कि बीते बुधवार रात को देवभोग तहसील कार्यालय में कार्यरत लिपिक शुभम पात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके पर बरामद सुसाइड नोट में लिखा है उसके अधिकारियों द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई थी। लिपिक संघ का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है। ऐसी जानकारी मिली हैं कि, शुभम अपनी बीमार माँ की सेवा करना चाहता था इसके लिये उसने अपने ट्रांसफर के लिये अधिकारियों से लेकर मंत्री तक आवेदन दिया। मंत्री से ट्रांसफर के लिये आवेदन भी अनुमोदन करके उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया। माँ कहती है कि बेटा घुस नही लेता था इसीलिए उसके पास देने के लिये 25 हजार रुपये नही थे। ट्रांसफर तो नहीं हुआ किन्तु उसे एक साथ दो – दो कार्यालय का भार दे दिया गया था। 

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