प्रेरक प्रसंग

Dipawali 2020: दीए जलाने से दूर होता है अंधियारा, मन-मंदिर को ऐसे करें उजियारा

ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने दीपावली पर चौबे कालोनी में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में यह उदगार व्यक्त किए।

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Dipawali 2020: रायपुर। दीपावली में हम सब घर-आंगन की सफाई का खास ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार अंतर्मन की सफाई भी जरूरी है। बाहर का अंधकार तो मिट्टी के दीए जलाकर दूर कर लेते हैं। अंतर्मन में छाए हुए अंधियारा को दूर करने के लिए हमें शुभ संकल्पों के दीपक जलाने होंगे। ऐसा कहना है प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी का। उन्होंने दीपावली (Dipawali) की पूर्व संध्या पर चौबे कालोनी में आयोजित आध्यात्मिक समारोह की संबोधित किया।

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ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि आओ हम सभी मनुष्य परमात्मा से सत्य ज्ञान लेकर अपने जीवन को पावन-पवित्र बनाएं। अपनी आत्म ज्योति जगाकर ईश्वरीय मिलन का वास्तविक सुख प्राप्त करें। ऐसे मनोपरिवर्तन से ही पृथ्वी पर स्वर्ग की स्थापना हो सकेगा। जहां आध्यात्मिक रूप से माता लक्ष्मी और श्री नारायण का राज्य होगा।

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घर की ही नहीं मन की भी करें सफाई

आत्मा ही सच्चा दीपक है। विकारों के वशीभूत हो जाने के कारण आत्मा का प्रकाश मलिन हो गया है। लोगों का अंतर्मन काम, क्रोध, लोभ आदि विकारों के अधीन होकर रह गया है। ऐसे विकारी मनुष्यों के बीच श्री लक्ष्मी का शुभागमन भला कैसे हो सकता है? यह कैसी विडंबना है कि मन-मंदिर की सफाई करने की जगह बाहरी सफाई से ही हम मानव खुश हो जाते हैं।

इस समय परमपिता परमात्मा जो कि जन्म-मरण के चक्र में न आने के कारण सदा ही जागती ज्योति हैं, हम मनुष्य आत्माओं की ज्ञान और योग से ज्योति जगाकर पावन बना रहे हैं। दीपावली का त्यौहार परमात्मा के इन्हीं कर्मों की यादगार है।

दूसरों की भलाई में है अच्छाई

उन्होंने कहा कि हमेशा दूसरों के लिए अच्छा सोचें। सदैव शुभ सोचेंगे तो लाभ होना ही है। इसीलिए हमारी भारतीय संस्कृति में जब कोई नया कार्य शुरू करते हैं तो स्वास्तिक के साथ शुभ और लाभ लिखते हैं। क्योंकि शुभ के साथ लाभ का गहरा नाता है।

राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने परमपिता परमात्मा के ईश्वरीय महावाक्य पढ़कर सुनाया। इसके पश्चात शिवबाबा को भोग लगाया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान को रंगोली से आकर्षक ढंग से सजाया गया और रंग बिरंगी रोशनी की गई है।

Dipawali 2020

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