प्रेरक प्रसंग

Mahasamund : इस गांव में जलाया ‘कोरोना रावण’, 95 साल से हो रहा रामलीला का मंचन

राम दल और रावण के राक्षस सेना के मंच पर पहुँचने से पहले सेनेटाइजर से मंच की शुद्धि की गई। साथ ही ग्रामीणों को कोरोना रावण से जंग लड़ने की विधि बताई गई।

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महासमुन्द : जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर लाफिनकला गांव में इस साल ‘कोरोना रावण’ का दहन किया गया। गांव के समाजसेवी शिक्षक महेंद्र पटेल, गोवर्धन साहू और रामलीला आयोजन समिति प्रमुख रामजी साहू के संयोजन में यह अनूठा आयोजन हुआ। वर्तमान समय में जब कोरोना वायरस का संक्रमण वैश्विक समस्या बनकर कोहराम मचा रहा है। तब गांव के युवाओं द्वारा जन जागरूकता के लिए यह अनूठा आयोजन किया गया। जिसमे कोरोना को रावण स्वरूप में दहन किया। इस दौरान रामलीला का मंचन मौन अभिनय से हुआ। लीला मंचन के बीच पूरा समय रावण का संवाद चर्चा में रहा।

रावण ने लोगों को मास्क लगाने, सेनेटाइजर का उपयोग करने और दो गज की दूरी बनाए रखने की सीख दी। दशहरा उत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेस क्लब महासमुन्द के अध्यक्ष आनंदराम साहू थे। विशिष्ट अतिथि शेखर चंद्राकर महासमुन्द, देवेंद्र ध्रुव बकमा, गांव के बुजुर्ग मेहत्तर राम साहू, कीर्तन साहू, हरिराम साहू, सुखदेव राम थे।

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जसगीत पर झूमने लगी महिला

अतिथियों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम-लखन-सीता की छायाचित्र केसमक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस बीच लोकगायक धर्मेंद्र साहू के द्वारा जसगीत गायन से समां बंधा। जसगीत पर देवी आने से एक महिला झूमने लगी। बाद एक युवक को भी देवता चढ़ गया। गांव के देवी-देवताओं का स्मरण कर रामलीला का मंचन प्रारम्भ किया गया। राम दल और रावण के राक्षस सेना के मंच पर पहुँचने से पहले सेनेटाइजर से मंच की शुद्धि की गई। साथ ही ग्रामीणों को कोरोना रावण से जंग लड़ने की विधि बताई गई।

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यहाँ रामलीला मंचन का है स्वर्णिम इतिहास

महेंद्र पटेल ने बताया कि लाफिनकला गांव में रामलीला का मंचन बीते 95 वर्षों से हो रहा है। वर्ष 1926 में स्व. सियाराम साहू ने मानस मंडली का गठन किया था। तब से यह अनवरत जारी है। मुख्य अतिथि की आसंदी से आनंदराम साहू ने कहा कि गांव की इस परंपरा और संस्कृति को बचाए रखना समय की मांग है। कोरोना काल में भी इस आयोजन को नए अंदाज में जारी रखना सराहनीय है। उन्होंने बाल कलाकारों को प्रोत्साहित किया। कोरोना स्वरूप में रावण पुतला बनाकर दहन करने के लिए आयोजक मंडल को शुभकामनाएं दी। वर्ष 2025 में जब गांव में रामलीला आयोजन का 100 साल पूरा होगा,तब भव्य आयोजन करने प्रेरित किया।

इस अवसर पर जादूगर सुखदेव ने हाथ सफाई का खेल दिखाया। संचालन गोवर्धन साहू और आभार प्रदर्शन शिक्षक महेंद्र पटेल ने किया। कार्यक्रम के अंत में जगराता और भक्ति संगीत का कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा।

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