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पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि आज, सीएम बघेल सहित कई मंत्री और नेताओं ने किया उन्हें नमन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel), राज्यपाल अनुसुइया उइके (Governor Anusuiya Uike) सहित कई नेताओं और मंत्रियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि (Pandit Ravi Shankar Shukla death anniversary today ) पर उन्हें नमन किया है।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel), राज्यपाल अनुसुइया उइके (Governor Anusuiya Uike) सहित कई नेताओं और मंत्रियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि (Pandit Ravi Shankar Shukla death anniversary today ) पर उन्हें नमन किया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि ‘पंडित रविशंकर शुक्ल प्रसिद्ध नेता और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय और शीर्ष भूमिका निभाई। इस दौरान छत्तीसगढ़ में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध लोगों को जागरूक कर गांधी जी के विभिन्न आंदोलनों में सहयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई सहित विभिन्न क्षेत्रों की विकास योजनाओं में महती भूमिका निभाई।’

राज्यपाल ने पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन (Governor salutes Pandit Ravi Shankar Shukla on his death anniversary)

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि (Governor salutes Pandit Ravi Shankar Shukla on his death anniversary) पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि ‘पंडित रविशंकर शुक्ल कुशल प्रशासक, विद्वान, चिन्तक और विचारक थे। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। अविभाजित मध्यप्रदेश में उनके द्वारा किये गए कार्यों एवं योगदान के लिए वे हमेशा याद किये जायेंगे।’

बता दें कि भिलाई इस्पात संयंत्र को स्थापित कराने वाले पंडित रविशंकर शुक्ल की आज 63वीं पुण्यतिथि (Today 63rd death anniversary of Pandit Ravi Shankar Shukla) है। इस अवसर में भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संयंत्र की स्थापना से लेकर आज तक के हालात पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। पंडित शुक्ला की सोच और पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा लिए गए फैसले पर चर्चा की गई। आधुनिक भारत की सोच और भिलाई को औद्योगिक तीर्थ बनाने में सहयोग देने वाले पंडित रविशंकर शुक्ल के योगदान को याद किया गया।

2 अगस्त 1877 में सागर जिले में हुआ था पंडित रविशंकर का जन्म

पंडित रविशंकर शुक्ल का जन्म मध्यप्रदेश के सागर जिले की रहली तहसील के गुड़ा गांव में 2 अगस्त 1877 को हुआ था। वे एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।वहीं पंडित रविशंकर शुक्ल 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आए नये राज्य मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। अपने कार्यकाल के दौरान 31 दिसंबर 1956 को उनकी मौत हो गई।बता दें कि दिल्ली स्थित भारत के संसद भवन परिसर में रविशंकर शुक्ल की प्रतीम विद्यमान है। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित विश्वविद्यालय का नाम पंडित रवि शंकर शुक्ल के नाम पर है।

पंडित रविशंकर शुक्ल के पिता का नाम पंडित जगन्नाथ शुक्ल और माता का नाम तुलसी देवी था। पंडित रविशंकर ने 4 साल की उम्र में सागर के सुन्दरलाल पाठशाला में दाखिला लिया था। ब्रिटिश राज में यह पाठशाला सीपी में स्थित 6 शालाओ में से एक थी। माध्यमिक शिक्षा के पूरी होने के बाद पंडित जगन्नाथ शुक्ल राजनांदगांव आ गए और अपने भाई पंडित गजाधर शुक्ल के साथ बेंगाल नागपुर कॉटन मिल चलने में सहभागी बने।

कुछ साल मिल चलाने के बाद वह रायपुर आ गए। इस दौरान रविशंकर ने अपनी स्कूली शिक्षा रायपुर हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने इंटर की परीक्षा जबलपुर के रॉबर्टसन कॉलेज से पूरी की और स्नातक की पढ़ाई नागपुर के हिसलोप कॉलेज से पूरी की। नागपुर में पढ़ते हुए शुक्ल राष्ट्रीय आंदोलन के निकट आए। 1897 में संपन्न हुए कांग्रेस के 13वें अधिवेशन में भाग लेने वे अपने अध्यापक के साथ अमरावती गए थे।

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