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इन चीजों से बढ़ सकता है ब्रेन कैंसर का खतरा, न करें इनका सेवन

ब्रेन कैंसर (Brain Cancer) एक जानलेवा बीमारी है। समय पर अगर इस बीमारी का पता न चले और इलाज न किया जाए तो ये इंसान को मौत के मुंह में ले जा सकती है। ब्रेन कैंसर (Brain Cancer) होने का मतलब है कि आपके दिमाग में ट्यूमर लगातार बढ़ रहा है।

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ब्रेन कैंसर (Brain Cancer) एक जानलेवा बीमारी है। समय पर अगर इस बीमारी का पता न चले और इलाज न किया जाए तो ये इंसान को मौत के मुंह में ले जा सकती है। ब्रेन कैंसर (risk of brain cancer) होने का मतलब है कि आपके दिमाग में ट्यूमर लगातार बढ़ रहा है।

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ट्यूमर यानी दिमाग में बहुत सारी कोशिकाओं का अनियंत्रि‍त होना। ऐसे में कोशिकाओं को नियंत्रण लगातार बिगड़ता रहता है और कोशिकाओं का विभाजन असमान्य रूप से ब्रेन में होता रहता है। जो कि ब्रेन सेल्स को घातक नुकसान पहुंचा सकते हैं। आधुनिक जीवन में कैंसर (risk of brain cancer) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक कैंसर की घातक बीमारी लोगों को अपनी चपेट में ले रही है।

रिपोर्ट में किया गया दावा (risk of brain cancer)

दूषित पानी और अधपके मांस में पाया जाने वाला एक साधारण परजीवी लोगों में ब्रेन कैंसर (risk of brain cancer) की समस्या से जुड़ा हो सकता है। सोमवार को शोधकर्ताओं ने एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया है। उन्हें इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि टोक्सोप्लाज्मा गोंडी या टी गोंडी परजीवी से संक्रमित लोगों में बहुत घातक ग्लायोमा (एक प्रकार का ट्यूमर) विकसित होने का खतरा ज्यादा रहता है। एक स्टडी के मुताबिक दुनिया की 20 से 50 फीसदी आबादी इस परजीवी से संक्रमित हो चुकी है।

डॉ. सोनिया लाल गुप्ता ने दी जानकारी (risk of brain cancer)

सोनिया लाल गुप्ता (Sonia Lal Gupta) के मुताबिक ब्रेन ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं- बिनाइन (बिना कैंसर वाले) या मेलिग्नेंट (कैंसर वाले)। बिनाइन ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ता है और कभी भी शरीर के दूसरे भाग में नहीं फैलता है, जबकि मेंलिंगनेंट ट्यूमर कैंसर (risk of brain cancer) वाले ट्यूमर होते हैं, जो बहुत तेजी से और आक्रामक तरीके से बढ़ते हैं।

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कैसे होता है ब्रेन ट्यूमर

ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumour) में दिमाग की कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा तेजी से बढ़ने और फैलने लगती हैं। इससे आस-पास मौजूद टीश्यूज और ऑर्गन डैमेज हो जाते हैं।

Primary Brain Tumour- ये कैंसर दिमाग के जिस हिस्से में शुरू होता है, वहीं बढ़ता रहता है।

Secondary Brain Tumour- ये कैंसर काफी आम है। इस कैंसर की शुरुआत शरीर के किसी एक हिस्से में होती है, जिसके बाद ये शरीर के दूसरे हिस्से जैसे- दिमाग, फेफड़े, ब्रेस्ट, किडनी, कोलोन और स्किन में फैल जाता है। ज्यादातर ये कैंसर दिमाग में फैलता है।

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लंदन के न्यूरो सर्जन और मेडिकल डायरेक्टर का मानना है कि कई बार कैंसर के लक्षण सामने आते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इनपर ध्यान नहीं देते हैं, क्योंकि ये आम जीवनशैली का हिस्सा होते हैं इसलिए अक्सर लोग इन लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिस वजह से लोग समय पर इस बीमारी की जानकारी से अनजान रह जाते हैं और इलाज नहीं करा पाते हैं

कैंसर के लक्षण

  • बिना किसी बीमारी के अगर लगातार सिर में तेज दर्द रहता है तो ये ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। लंदन के न्यूरोलॉजिस्ट का मानना है कि ब्रेन ट्यूमर में सुबह के समय तेज सिर दर्द होता है और दिन ढलने के साथ-साथ हल्का हो जाता है।
  • वहीं उन्होंने बताया कि कुछ ब्रेन ट्यूमर तेजी से फैलते हैं तो वहीं कुछ धीरे-धीरे। अगर आपका लगातार जी मिचलाता है तो ये भी ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। अगर आपका सिर दर्द के साथ जी मिचलाए तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं।
  • अचानक से खड़े होने पर अगर आंखों के सामने अंधेरा छा जाए और साथ ही चक्कर जैसा महसूस हो तो ये भी ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है।
  • चक्कर या उल्टी महसूस हो- हालांकि, ये लक्षण कई समय बाद देखने को मिलता है। लेकिन कई बार ब्रेन ट्यूमर के शुरुआत में ही ये लक्षण सामने आ जाते हैं। ऐसा कैंसर की कोशिकाओं का दिमाग में मौजूद फ्लूड के साथ मिक्स होने पर होता है।
  • शरीर में दिखें ये बदलाव- जब याददाश्त कमजोर होने लगे, व्यक्तित्व में बदलाव दिखाई देने लगें तो ये भी ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं। कई बार इस स्थिति में डिमेंशिया की शिकायत भी हो जाती है।

कैंसर वाले लोगों को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन

तला, मसालेदार, वसायुक्त और तेज गंध वाले भोजन से बचें कच्ची सब्जियां / सलाद और छिलका युक्त फलों के सेवन से बचें बासी / बाहर या रोड साइड के खाना खाने से बचें यदि आपको चबाने या निगलने की समस्या है, तो नरम, अर्धनिर्मित, मिश्रित या मुख्य रूप से तरल आहार लें।

ब्रेन ट्यूमर से बचने के लिए लें विटामिन C युक्त आहार

ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा विटामिन C वाले आहार शामिल करने चाहिए। विटामिन C दिमाग में मौजूद कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने का काम करता है। यही वजह है कि विटामिन C ब्रेन ट्यूमर में फायदेमंद है।

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बता दें कि दुनियाभर में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, U.K में हर साल 9,000 ब्रेन ट्यूमर के मामले सामने आते हैं। ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। अगर आप इस घातक बीमारी से सुरक्षित रहना चाहते हैं तो कोई भी लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं।

शोधकर्ताओं का ये है कहना

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक यह परजीवी दिमाग में अल्सर के रूप में हो सकते हैं और इन्फ्लेमेशन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। ‘अमेरिकन कैंसर सोसायटी के डिपार्टमेंट ऑफ पॉपुलेशन’ के एपिडेमायोलॉजिस्ट जेम्स हॉज के नेतृत्व में उनकी टीम और कैंसर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (फ्लोरिडा) की एच। ली मॉफिट ने ब्लड सैंपल में टी गोंडी परजीवी के एंटीबॉडीज और ग्लायोमा (ट्यूमर) के जोखिम के बीच संबंध की जांच की। इसके लिए उन्होंने लोगों को दो समूहों में बांटा।

इन लोगों में ज्यादा होता है खतरा

इस स्टडी के लिए ‘अमेरिकन कैंसर प्रिवेंशन स्टडी- II न्यूट्रिशन कोहॉर्ट’ में पंजीकृत 111 लोगों और ‘नॉविजन कैंसर रजिस्ट्री’ में सूचीबद्ध 646 लोगों को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने बताया कि ग्लायोमा का खतरा उन लोगों में ज्यादा देखा गया जिनमें टी। गोंडी एंटीबॉडी का स्तर ज्यादा था।

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अभी भी है और शोध की जरूरत

शोधकर्ताओं ने कहा, ‘इस स्टडी के निष्कर्ष टी गोंडी इंफेक्शन और ग्लायोमा के जोखिम के बीच संबंध के पहले संभावित प्रमाण हैं, जिसकी पुष्टि किसी स्वतंत्र शोध में की जानी चाहिए।’ प्रमुख शोधकर्ता हॉज ने कहा, ‘इसका मतलब यह नहीं है कि टी गोंडी सभी स्थितियों में निश्चित रूप से ग्लायोमा (दिमाग में होने वाला एक प्रकार ट्यूमर) का कारण बनता है। ग्लायोमा वाले कुछ रोगियों में कोई टी गोंडी एंटीबॉडी नहीं होती है।’

बॉर्न पैथोजन को रोकने में कामयाबी

स्टडी में शामिल शोधकर्ताओं ने कहा, ‘यदि अध्ययन के निष्कर्षों को दोहराया जाता है तो इंसान के दिमाग पर हमला करने वाले फूड बॉर्न पैथोजन (रोगाणु) को पहली बार रोकने में कामयाबी मिल सकेगी।’

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