रायपुर

यहां इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने का पुरजोर विरोध

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कुरूद : बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद को बंद कर उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल (English Medium School) खोलने की खबर से पालको, विद्यार्थियों तथा स्थानीय लोगों मे रोष व्याप्त है। पालकों के द्वारा बालक उच्चतर माध्यमिक शाला को चालू रखते हुए इसी परिसर में इंग्लिश मीडियम (English Medium School) की स्कूल खोले जाने की बात कही जा रही है।

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जिसे ध्यान में रखते हुए शाला विकास एवं प्रबन्धन समिति की बैठक में भी यह प्रस्ताव लाया कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए इंग्लिश मीडियम स्कूल (English Medium School) तो खुले बशर्ते कि हिंदी माध्यम का स्कूल यथावत संचालित रहे। कलेक्टर धमतरी के निरीक्षण के दौरान शाला विकास समिति अध्यक्ष मनीष साहू के द्वारा पालको तथा स्थानीय लोगो के द्वारा हिंदी स्कूल को बंद नही करने की बात से अवगत कराया गया ।

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लोगों का कहना है कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला सन 1956 से संचालित हो रही है, नगर तथा राज्य के नामचीन हस्तियों ने यही से शिक्षा प्राप्त कर उच्च पद पर पदासीन हुए हैं। इस विद्यालय ने अपने स्वर्ण जयंती तक का सफर बहुत ही गौरवशाली इतिहास के साथ तय किया है। वहीं 2031 में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन करने का स्वप्न देख रहे हैं। स्थानीय लोगों को इससे गहरा झटका लगा है। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि विद्यालय को अब इंग्लिश मीडियम स्कूल बना कर हिंदी मीडियम को बंद किया जा रहा है।

ज्ञात हो कि इस शाला में कक्षा 6 से लेकर 12 तक के छात्र अध्ययन करते हैं। जो न सिर्फ स्थानीय बल्कि आस पास के गाँव से भी आते हैं। छात्रों की बात करें तो औसत दर्ज संख्या लगभग 700 प्रतिवर्ष है। जो कि गरीब, माध्यम वर्गीय परिवार से रहते हैं। जिनके माता पिता या तो कृषक हैं या फिर मजदूर। पालकों से बात करने पर उन्होंने बताया कि अपने बच्चों को इसी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। पर अंग्रेजी माध्यम में नही बल्कि हिंदी माध्यम में। इसी विद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रम आई टी तथा हेल्थ केयर संचालित है। इसी विद्यालय में ही प्रति वर्ष हजारों की संख्या में ओपन स्कूल में भी छात्र प्रवेश लेते है।

वही दूरदराज के छात्र भी यहां प्रवेश पाने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। प्रति वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर खेल, स्काउट तथा अन्य गतिविधियों में विद्यार्थियों का चयन होता है। इस विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, राजनेता इंजीनियर, डॉक्टर, सीए, आदि दिए है। गरीब वर्ग तथा सुविधा से वंचित वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो बालक शाला कुरूद में प्रवेश लेते है। ऐसे विद्यार्थियों को हिंदी माध्यम स्कूल को बंद करने से ऐसे छात्र जो इस विद्यालय में पढ़ना चाहते हैं। उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है तथा उनकी पढ़ाई भी बाधित हो सकती है।

सुनने में यह भी आ रहा है कि इन विद्यार्थियों को कन्या शाला में प्रवेश दिया जाएगा। जिसे लेकर कन्या शाला के पालक भी इसका विरोध कर सकते हैं, इससे पहले भी इस विद्यालय को कोएडुकेशन किया जा रहा था तब भी कन्या कुरूद के पालको ने विरोध दर्ज किया था। जिसे देखते हुए बालको को प्रवेश नही दिया गया हैं।

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