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बस्तर की वैभव-गौरवशाली संस्कृति को वैश्विक पटल पर पहुँचाने की पहल - उपमुख्यमंत्री शर्मा

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 रायपुर : राज्य शासन द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने सहित स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों को अमिट पहचान और समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2025 यथा बस्तर का उत्सव का भव्य संभागीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजन दंतेवाड़ा के हाईस्कूल मैदान में किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप ने बस्तर पंडुम के संभागीय स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।


उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की वैभव-गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम कार्यक्रम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है, इस पावन धरा में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। इस क्षेत्र में मेरा जन्म ना होने से यहाँ की संस्कृति और अनेक स्वादिष्ट व्यंजन से मैं वंचित रहा हूँ पर आज इस कार्यक्रम में मुझे बस्तर की सभी स्वाद का अनुभव करने का अवसर मिला। उन्होंने बस्तर में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु सार्थक प्रयास करने की बात कही ।


वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है लोग बस्तर की संस्कृति को समझने के लिए लालायित हो रहे हैं। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जोे विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की जा रही है। इस कार्यक्रम में समूचे संभाग के जिलों के प्रतिभागियों द्वारा शानदार प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं। हमारे बस्तर क्षेत्र में जन्म से मृत्यु तक पंडुम मनाते हैं। इस समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संदेश देने में हमारी परंपरा, रीति -रिवाज की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी ।

कार्यक्रम के शुरुआत में दोनों मंत्रियों ने प्रदर्शनी में लगे जनजातीय कला स्टॉल का अवलोकन कर प्रदर्शनी में लगे जनजातीय संस्कृति के वाद्य यंत्र का वादन किया और स्थानीय एवं जनजातीय व्यंजन का स्वाद लेकर सराहना किए। इस अवसर पर विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीईओ जयंत नाहटा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेशभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, आकर्षकता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, कोसरा, जोन्धरा एवं मडि़या पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर, बोबो इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण हैं।

आर.बी.सी. 6-4 के तहत 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

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महासमुंद : कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 03 मृतकों के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए के मान से कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है।


इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोकरामुड़ा खुर्द के मृतक जुगल साय गोड़ तथा सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत सर्पदंश से मृत्यु होने पर ग्राम पैकिन के मृतक तिलकराम भोई एवं बिच्छू के डंक मारने से मृत्यु होने पर ग्राम केन्दुढार की मृतिका तुजला निषाद के निकटतम वारिसानों के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में अध्यक्ष  रूपनारायण सिन्हा ने आज शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री  साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए।

योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ महाराज, वासु देवानंद महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राष्ट्रीय मछुवारा संघ NAF की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात

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 रायपुर। गायत्री गायग्वाल दिल्ली से वापस आ गई है ,उन्होंने आते ही CM से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने CM साय को मछुवारा समाज के समस्याओं से अवगत कराया और समस्याओं की समाधान के लिए शासन प्रशासन से सहयोग करने के लिए अनुरोध किया। इस को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मछुवारा समाज के सभी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया और गायत्री गायग्वाल जी को मंडल या बोर्ड में शामिल कर समस्याओं का भी समाधान करने का आश्वासन दिया।


30 साल से कर रही समाज सेवा

बता दें की गायत्री गायग्वाल जी करीब 30 साल से समाज सेवा कर रही हैं और प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर में मछुवारा समाज के कल्याण के लिए लगातार सम्मेलन, जागरूकता अभियान, विभिन्न परगना और परिक्षेत्र में जाकर निरंतर कार्यक्रम, जिला स्तर और प्रदेश स्तर पर लगातार सक्रिय है।

गायत्री गायग्वाल 28 और 29 मार्च 2025 को नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिशरमैन के सम्मेलन मुम्बई (महाराष्ट्र) में शामिल हुआ जिसमें देश और विदेश के मछुवारा प्रतिनिधि शामिल हुए इस सम्मेलन में राष्ट्रीय मछुवारा संघ (NAF) की प्रदेश अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल जी अपने उद्बोधन में संपूर्ण भारत और छ. ग़. के मछुवारा के समस्याएं और उसके समाधान के तरफ ध्यानाकर्षित करते हुए मछुवारा के हित में अपना बाते रखी और छ.ग में मछुवारा समाज, जाती के आधार में 3 नंबर में आता है लेकिन यहाँ राजनीति, सामाजिक और शिक्षा में समाज पिछड़ा है जिसमें जागरूकता अभियान चलाने और सम्मेलन करके जागरूकता लाने की बाते कही गई।

यह आयोजन का उद्देश्य मछुवारा के संपूर्ण विकास के लिया किया गया था जिसमें NFDB में NAF के सदस्यों को प्रयाप्त प्रतिनिधित्व मिले, तटीय निर्वाचन क्षेत्र स्थापित किया जाना, मछुवारो के लिए भू संरक्षण कानून, वेबसाइट के माध्यम से सरकारी कार्यालय और हितधारक को जोड़ने के लिए एक मंच तैयार करना और संपूर्ण मछुवारा के हित में बहुत से कार्ययोजना को प्रस्तावित किया गया।

इस मौके पर पार्षद रमेश सपहा, लोकनाथ धीवर दुर्ग से, अशोक सपहा आईटी टीम प्रमुख जितेंद्र धीवर, चंद्रा धीवर, हेमंत गायग्वाल, हरीश धीवर, राहुल गायग्वाल उपस्थित थे।

राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश, रिजिजू बोले- सदन में मर्यादा बनी रहे

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 Waqf Bill in Rajya Sabha : लोकसभा में लंबी बहस और मतदान के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया गया था। अब यह विधेयक राज्यसभा में पहुंच गया है, जहां आज गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे पेश किया। लोकसभा में यह विधेयक 12 घंटे से अधिक चली चर्चा के बाद 288 के मुकाबले 232 मतों से पारित हुआ था। अब राज्यसभा में भी इस पर तीखी बहस की उम्मीद है, क्योंकि विपक्षी दलों ने इसे "असंवैधानिक" और "मुस्लिम विरोधी" करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।


रिजिजू ने विधेयक को पेश करते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए है, न कि किसी समुदाय के खिलाफ। उन्होंने दावा किया कि यह गरीब मुस्लिमों, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए जरूरी है। विधेयक में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने, संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन और विवादित संपत्तियों के मालिकाना हक का फैसला कलेक्टर द्वारा करने जैसे प्रावधान हैं, जिन पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है।

राज्यसभा में चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। एनडीए के पास ऊपरी सदन में 125 सांसदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 118 से थोड़ा अधिक है। हालांकि, विपक्षी गठबंधन "इंडिया" इसे हराने की कोशिश में जुटा है। यह देखना बाकी है कि विधेयक राज्यसभा से पारित हो पाता है या नहीं।

सदन में मार्यादा बनी रहे, वक्फ बिल राज्यसभा में पेश करने के दौरान बोले रिजिजू

लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल को पेश कर दिया है. इसपर चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर जब मैं सदन में आया हूं, कुछ बातें रखना चाहता हूं कि सदन की मर्यादा भी बनी रहे. कमिटी बनने से पहले लोगों ने कहा कि इसका कंसलटेशन जितना होना चाहिए था उतना नहीं है. हमने देश भर में जितने स्टेकहोल्डर से, वक्फ बोर्ड के ऑफिसर, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बाद संसद में पेश किया. जेपीसी ने जो काम किया है, इससे ज्यादा व्यापक काम आजतक नहीं हुआ है.

अलग अलग क्षेत्रों के लोगों ने अपनी बातों को रखा और 97 लाख से भी ज्यादा और छोटे पत्रों को मिलाकर एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपना ज्ञापन सौंपा है।

ट्रंप के बयान से स्टॉक मार्केट धड़ाम: कई शेयरों में भारी नुकसान

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 Trump Tariff Impact : भारतीय शेयर बाजार पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का असर देखने को मिला हैं। भारतीय शेयर बाजार धड़ाम होकर नीचे गिरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा कर दी है, जिसका प्रभाव वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है। इस फैसले के बाद एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट आई है।


सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 500 अंक नीचे गिर गया है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक नीचे गिरा है। दोनों ही रेड जोन में खुले है। शेयर बाजार में गिरावट के साथ ही इंडियन करंसी भी गुरुवार को टूट गई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे नीचे गर गया है और 85.78 पर पहुंचा है।

गौरतलब है कि ट्रंप ने टैरिफ डे को लिब्रेशन डे का नाम दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान कर बता दिया है कि वो टैक्स कितना वसूलेंगे। नए टैरिफ के अनुसार अमेरिका चीन से 34 फीसदी, यूरोपीय संघ से 20% जापान से 24% और भारत से 26% टैरिफ वसूलेगा. टैरिफ के ऐलान के साथ ही एशियाई बाजारों में हड़कंप मच गया है और जापान के स्टॉक मार्केट का सबसे बुरा हालहै।

बीएसई सेंसेक्स 378.60 अंक या 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,238.84 अंक पर आ गया। बाद में यह 809.89 अंक या 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,807.55 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 80.60 अंक या 0.35 प्रतिशत फिसलकर 23,251.75 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर नुकसान में रहे। सन फार्मास्यूटिकल्स, एनटीपीसी, टाइटन, पावरग्रिड, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक और लार्सन एंड टूब्रो के शेयर फायदे में रहे। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.41 प्रतिशत जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में जापान के निक्की में तीन प्रतिशत, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में एक प्रतिशत, चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.39 प्रतिशत और हांगकांग के हैंगसेंग में दो प्रतिशत की गिरावट आई। अमेरिकी बाजार बुधवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.31 प्रतिशत लुढ़ककर 73.22 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,538.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,808.83 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

छत्तीसगढ़ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट: 9 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और कोन्डागांव में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। रायपुर सहित कुछ जिलों में सुबह से बादल छाए हैं, ठंडी हवा चल रही है।


मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ट्रफ, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। गुरुवार को ओलावृष्टि, आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इसके असर से अगले 3 दिन अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक गिर सकता है। 


बुधवार को दिन का टेम्प्रेचर 36.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 1.6 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो औसत से 2 डिग्री अधिक था। 

भारत निर्वाचन आयोग का राजनीतिक दलों के साथ सबसे बड़ा सहभागिता अभियान

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 नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश भर में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ अनेक संरचनाबद्ध सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 25 दिनों की अवधि में और 31 मार्च 2025 तक, कुल 4,719 बैठकें आयोजित की गई, जिनमें सीईओ द्वारा 40, डीईओ द्वारा 800 और ईआरओ द्वारा 3,879 बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें देश-भर से राजनीतिक दलों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।


ये बैठकें मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी द्वारा 4-5 मार्च, 2025 को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान जारी निदेशों के अनुसरण में आयोजित की गईं।

इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित सक्षम प्राधिकारी यानी ईआरओ या डीईओ या सीईओ द्वारा किसी भी लंबित मुद्दे का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 में निर्धारित कानूनी ढांचे और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी मैनुअल, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों के भीतर समाधान करना है। सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के सीईओ से आगे और मूल्यांकन किए जाने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है और मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर कोई भी मुद्दा यदि अनसुलझा रह जाता है, तो आयोग द्वारा उस पर विचार किया जाएगा।

राजनीतिक दलों द्वारा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों, जिलों और राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में आयोजित इन बैठकों में सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता करके इनका स्वागत किया गया है। देश-भर से प्राप्त इन बैठकों की तस्वीरें आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर देखी जा सकती हैं: https://x.com/ECISVEEP?refsrc=twsrc%5E.google%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Eauthor

दंतेवाड़ा में गूंजेगा बस्तर के राम - कुमार विश्वास सुनाएंगे 'बस्तर के राम' की अनुपम कथा

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 Bastar Pandum 2025 : बस्तर क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपराओं के उत्सव ‘बस्तर पंडुम’ में डॉ. कुमार विश्वास द्वारा “बस्तर के राम” कथा वाचन किया जाएगा। आज 3 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन, बस्तर क्षेत्र में शांति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए सोपान तय करेगा।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “बस्तर पंडुम 2025” को बस्तर की आत्मा से जुड़ा एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण बताते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, आस्था और आकांक्षाओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर के राम’ जैसे कार्यक्रम बस्तर की धरती को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि विकास का सबसे सशक्त मार्ग संस्कृति और परंपरा से होकर जाता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह उत्सव बस्तर को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा और हमारी जनजातीय परंपराएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

उल्लेखनीय है कि दंडकारण्य क्षेत्र का रामायण काल में विशेष स्थान रहा है और श्री राम ने अपने वनवास काल का कुछ समय दंडकारण्य के जंगलों में व्यतीत किया था। डॉ. कुमार विश्वास बस्तर क्षेत्र के परिपेक्ष्य में श्री राम के महत्व पर अपनी राम कथा “बस्तर के राम” का वाचन करेंगे।

बस्तर पण्डुम आयोजन में डॉ. कुमार विश्वास की वाणी में जब राम कथा की गूंज बस्तर की वादियों में फैलेगी तो इसमें सिर्फ शब्द नहीं बल्कि एक भावना होगी शांति, एकता और पुनर्जागरण की। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में श्री राम के प्रवास का स्मरण कर अपनी समृद्ध पौराणिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने “बस्तर के राम” के आयोजन पर कहा कि “बस्तर पण्डुम” और “बस्तर के राम” जैसे आयोजन बस्तर क्षेत्र को भारत और विश्व से जोड़ते एक सांस्कृतिक सेतु की तरह है, जो हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के बस्तर क्षेत्र के समेकित विकास के संकल्प का परिचायक है। बस्तर क्षेत्र आज गर्व से साक्षी बन रहा है कि हिंसा का अंत संभव है और शांति का मार्ग संस्कृति से होकर गुजरता है।

उल्लेखनीय है कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग के स्थानीय कला, संस्कृति एवं जीवन शैली संरक्षण-संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए राज्य शासन द्वारा “बस्तर पण्डुम 2025″ का आयोजन किया जा रहा है जिसके उ‌द्घाटन सत्र में शाम 6 बजे “बस्तर के राम” कार्यक्रम किया जाना निर्धारित है।

लोकसभा से पास हुआ वक्फ संशोधन बिल, जानें पक्ष और विपक्ष में कितने वोट पड़े

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 Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद बुधवार को पास हो गया। वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में, 232 ने विपक्ष में वोट डाले।


अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज गुरुवार को यह बिल राज्यसभा में पेश होगा।

बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है।

बिल पर चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पास कर दिया।

पक्ष और विपक्ष में कितने वोट?

लोकसभा में वक्फ संशोधन अधिनियम को पास कराने के लिए हुई फाइनल वोटिंग में बिल के पक्ष में कुल 288 वोट पड़े हैं। वहीं, बिल के विपक्ष में 232 वोट पड़े। इसके साथ ही विपक्ष के सभी संशोधन खारिज कर दिए गए हैं। अब ये बिल राज्यसभा में जाएगा जहां इस पर चर्चा होगी और फिर इसे पास कराने के लिए वोटिंग होगी।

ओवैसी ने फाड़ी बिल की कॉपी

वक्फ संशोधन विधेयक मामले पर लोकसभा में AIMIM पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- "इस बिल में वक्फ अल औलाद का नियम आर्टिकल 25 का वाइलेशन है। यह कानून देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद पैदा करने के लिए लाया गया है। यह दोनों धर्मों के लोगों के बीच विवाद बढ़ाने के लिए लाया गया है। इस बिल का मकसद सिर्फ मुसलमानों को जलील और रुसवा करना है और उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना है। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रिका के कानून को फाड़ दिया था तो मैं भी इसे फाड़ देता हूं।" इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी ने संविधान संशोधन विधेयक की प्रति को फाड़ दी।

छत्तीसगढ़ में 36 नेताओं को सौंपी गई कमान, बोर्ड-निगमों में नियुक्ति आदेश जारी

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 रायपुर। विष्णुदेव सरकार ने बुधवार देर रात निगम मंडलों में अध्यक्ष उपाध्यक्ष व सदस्यों की सूची जारी कर दी है। जारी सूची में 36 नेताओं को जगह दी गई है। जारी सूची में संजय श्रीवास्तव, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नीलू शर्मा, पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, अनुराग सिंहदेव, केदार पांडेय, दीपक महस्के, पूर्व विधायक नंदू सहित कई नए चेहरों को जगह दी गई है।


निगम, मंडल और आयोग में नियुक्ति के दौरान जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण को भी साधा गया है। बीजेपी ने सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरे में उन्होंने पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि राज्य में जल्द ही कैबिनेट विस्तार और निगम मंडल और आयोग में नियुक्तियां की जा सकती हैं।

लिस्ट में किनका किनका नाम






नामपदआयोग का नाम
भूपेश सवन्नीअध्यक्षछत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण
मोना सेनअध्यक्षछत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड
लोकेश कवाड़ियाअध्यक्षछत्तीसगढ़ निशक्तजन वित्त एवं विकास निगम
गौरीशंकर श्रीवासउपाध्यक्षछत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड
शालिनी राजपूतअध्यक्षराज्य समाज कल्याण बोर्ड
चंद्रकांति वर्माउपाध्यक्षराज्य समाज कल्याण बोर्ड
वर्णिका शर्माअध्यक्षराज्य बाल संरक्षण आयोग
राकेश पांडेयअध्यक्षखादी तथा ग्रामउद्योग बोर्ड
शंभुनाथ चक्रवर्तीअध्यक्षराज्य माटीकला बोर्ड
सौरभ सिंहअध्यक्षछत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम
अमरजीत सिंह छाबड़ाअध्यक्षराज्य अल्पसंख्यक आयोग
सुरेन्द्र कुमार बेसराअध्यक्षअंतव्यवसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम
जितेन्द्र कुमार साहूअध्यक्षराज्य तेलघानी विकास बोर्ड
प्रफुल्ल विश्वकर्माअध्यक्षलौह शिल्पकार विकास बोर्ड
प्रहलाद रजकअध्यक्षरजककार विकास बोर्ड
ध्रुव कुमार मिर्धाअध्यक्षराज्य चर्म शिल्पकार बोर्ड
शशांक शर्माअध्यक्षछत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद
भरत लाल मटियाराअध्यक्षमछुआ कल्याण बोर्ड
लखन लाल धीवरउपाध्यक्षमछुआ कल्याण बोर्ड
राजा पांडेयअध्यक्षछत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम
राजीव अग्रवालअध्यक्षस्टेट इंडस्ट्रीयल डव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
नीलू शर्माअध्यक्षछत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल
सुरेश कुमार चंद्रवंशीअध्यक्षछत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद
चंद्रहास चंद्राकरअध्यक्षराज्य बीज एवं कृषि विकास निगम
संदीप शर्माअध्यक्षराज्य खाद्य आयोग
चंदूलाल साहूअध्यक्षराज्य भंडार गृह निगम
अनुराग सिंहदेवअध्यक्षछत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल
केदार नाथ गुप्ताअध्यक्षराज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित रायपुर
संजय श्रीवास्तवअध्यक्षस्टेट सिविल स्पलाइज कॉर्पोरेशन (नागरिक आपूर्ति)
नंद कुमार साहूअध्यक्षरायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर
रामप्रताप सिंहअध्यक्षभवन एवं अन्य सनिर्माणकर्मकार कल्याण मंडल
योगेश दत्त मिश्राअध्यक्षश्रम कल्याण मंडल
श्रीनिवास राव मद्दीअध्यक्षराज्य वित्त आयोग
राम सेवक पैंकराअध्यक्षराज्य वन विकास निगम
दीपक महस्केअध्यक्षमेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिडेट
विकास मरकामअध्यक्षआदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधी पादप बोर्ड

राज्य स्तरीय विशिष्ट पहचान क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय विशिष्ट पहचान क्रियान्वयन समिति (यूआईडीआईसी) की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  अमिताभ जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आधार नामिनेशन वेरिफिकेशन एवं अपडेशन के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने आधार नामांकन एवं अपडेशन हेतु विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन्हें अभी तक आधार कार्ड नही मिल पाया है उन सभी नागरिकों को आधार कार्ड प्रदान करने हेतु प्रत्येक जिले में कलेक्टरों द्वारा विशेष समीक्षा कर इस हेतु विभिन्न स्तरों पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधार नामांकन कैम्प आयोजित किए जाए। बैठक में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद की उप निर्देशन सुश्री पी.संगीता मौजूद थी।


 
मुख्य सचिव ने राज्य के सभी हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूलों में आधार हेतु नामांकन एवं अपडेशन के लिए शिविर लगाने कहा। इसी तरह से महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों एवं महिलाओं के आधार नामांकन एवं अपडेशन के लिए विशेष कार्य करने के निर्देश दिए।
 
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव के दौरान नवजात शिशुओं का भी आधार नामांकन किया जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राज्य के सभी नागरिकों, बच्चों, छात्र-छात्राओं को आधार प्रदान करने नामांकन कराने हेतु विशेष प्रयास किया जाए। उन्होंने जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में जिनका अभी तक आधार कार्ड नही बन पाया है उन सभी को आधार प्रदान करने हेतु नामांकन किया जाए।
 
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव  बसवराजु एस., सचिव खाद्य विभाग  अन्बलगन पी., सामान्य प्रशासन एवं राजस्व सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कटारिया, सचिव समाज कल्याण  भूवनेश यादव एवं उच्च शिक्षा सचिव  एस.भारतीदासन सहित स्कूल शिक्षा, श्रम, दूरसंचार, एनआईसी, चिप्स, जनगणना, निर्वाचन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की एक और उपलब्धि: छत्तीसगढ़ बना देश में जीएसटी राजस्व वृद्धि दर में अग्रणी राज्य

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।


मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह

मार्च 2025 में छत्तीसगढ़ को SGST मद में ₹1,301.09 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मार्च 2025 में ही IGST मद में ₹756.73 करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह ₹2,057.82 करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के ₹1,443.66 करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है।

बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता

यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।

नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण

रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है।

फर्जी पंजीकरण की जांच

28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई।

डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई

वर्षभर में डेटा एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई। वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई।

सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय

जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे ₹101 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया।

सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन

मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया।

व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान

राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है।

भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

"छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।"
– विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

कोरिया में हाहाकार: बर्ड फ्लू के कहर से प्रशासन में खलबली

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बर्ड फ्लू के केस बढ़ने से प्रशासन सकते में है. जिले के बैकुंठपुर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में एवियन इंफ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है.


गौरतलब है कोरिया जिले के संक्रमित क्षेत्र की सीमाएं इन्फेक्टेड जोन (एक किलोमीटर) पूर्व में बैकुण्ठपुर से जनकपुर, पश्चिम में बैकुण्ठपुर से धौराटिकरा, उत्तर में बैकुण्ठपुर से खुटहनपारा और दक्षिण में बैकुण्ठपुर से एमएलए नगर तक फैला हुआ है. वहीं, सर्विलांस जोन (1 से 10 किलोमीटर) महोरा पुल से शंकरपुर, छरछा बस्ती और बड़गांव तक विस्तारित है.

इन्फेक्टेड जोन में पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित घोषित
रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने पोल्ट्री उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध और इन्फेक्टेड जोन में पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है. इसके साथ ही, सर्विलांस जोन में पोल्ट्री और सह उत्पादों (मुर्गा, अंडा आदि) के बाजार और दुकानों को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा डोर-टू-डोर डिलीवरी भी रोक दी गई है.

जिला कलेक्टर ने बताया कि बर्ड फ्लू से प्रभावित कर्मचारियों को नियमित रूप से ओसेल्टामिवीर टेबलेट वितरित की जा रही है. कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

कलेक्टर ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक जिला कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 07836-232469 जारी किया गया है. वहीं, बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने जिला सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और बिलासपुर मार्गों पर बेरियर लगाकर जांच शुरू कर दी है.

दिनदहाड़े महिला सरपंच की गला रेतकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डोंगादरहा की नवनिर्वाचित महिला सरपंच की दिनदहाड़े धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। हत्या करने के बाद हत्यारे घटना स्थल से फरार हो गए हैं। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। अज्ञात हमलावरों ने महिला सरपंच पर तब हमला कर उसकी हत्या कर दी जब वो घर में नहा रही थी। मामला जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील के ग्राम पंचायत डोंगादरहा की है।


घटना के संबंध में विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को लगभग सवेरे 10:00 से 11:00 बजे के बीच नवनिर्वाचित महिला सरपंच प्रभावती सिदार अपने घर के आंगन में नहा रही थी। इसी दौरान अचानक उसके घर आंगन में हत्यारे दाखिल हुए और नहा रही महिला सरपंच के सिर, गला और गाल पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार कर घटना स्थल से फरार हो गए।

बताया जा रहा है जब महिला सरपंच घर में स्नान कर रही थी इस दौरान उसके पति उत्तम सिदार अपने चार पहिया वाहन की रिपेयरिंग कराने के लिए अपने घर डोंगादरहा से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान हमलावरों ने मौका पाकर नव निर्वाचित महिला सरपंच की हत्या कर फरार हो गए।

ज्ञात हो कि, 23 फरवरी 2025 को फरसाबहार जनपद के सभी 58 पंचायतो में सरपंच का चुनाव संपन्न हुआ है। प्रभावती सिदार 23 फरवरी को हुए सरपंच के चुनाव में विजयी हुई थी। बताया जा रहा है डोंगादरहा ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इससे पहले प्रभावती सिदार के पति उत्तम सिदार ग्राम पंचायत डोंगादरहा के सरपंच और सरपंच संघ के अध्यक्ष भी थे।

घटना के संबंध में तुमला थाना प्रभारी कोमल सिंह नेताम ने बताया की महिला सरपंच प्रभावती सिदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम पहुंच चुकी है, और मामले की हर पहलुओं को बड़े ही गहराई से देखा जा रहा है।

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