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गणेश विसर्जन के दौरान खूनी विवाद, तीन युवकों पर चाकू से हमला; जूना बिलासपुर में भी मारपीट से मचा हंगामा

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बिलासपुर- बिलासपुर में गणेश विसर्जन के दौरान अलग-अलग इलाकों में विवाद और मारपीट की घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में विसर्जन के बाद लौट रहे युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि तीन युवकों पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में घायल तीनों युवकों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर में भी गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के युवकों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले में कई युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

विसर्जन से लौटते समय शुरू हुआ विवाद

सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में नायक गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारी और सदस्य गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए गए थे। विसर्जन के बाद लौटते समय बड़े बन्नाक तालाब के पास समिति से जुड़े कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, विवाद के समय कुछ युवक नशे की हालत में बताए जा रहे थे। मामूली कहासुनी देखते ही देखते बढ़ गई और युवकों के बीच मारपीट शुरू हो गई।

विवाद रोकने पहुंचे युवकों पर चाकू से हमला

बताया गया कि बन्नाक चौक के पास कुछ युवक आपस में विवाद कर रहे थे। इसी दौरान महावीर नगर निवासी राहुल सिंह ठाकुर, माता चौरा निवासी सिद्धांत ध्रुव समेत तीन युवकों ने विवाद कर रहे युवकों को समझाने और रोकने का प्रयास किया।

आरोप है कि इसी दौरान विवाद कर रहे युवकों ने समझाने पहुंचे तीनों युवकों पर ही हमला कर दिया। चाकू से किए गए हमले में तीनों घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल भेजा गया।

कई युवकों को पुलिस ने पकड़ा

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नायक गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष अनुज, शेखर कांति, करण रजक सहित कुछ अन्य युवकों को पूछताछ के लिए पकड़ा।

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर विवाद की शुरुआत और चाकू से हमले की पूरी घटना का क्रम पता लगाने में जुटी है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसी पुरानी रंजिश के बजाय नशे की हालत में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

जूना बिलासपुर में भी दो पक्षों में मारपीट

गणेश विसर्जन के दौरान सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर में भी विवाद की स्थिति बन गई।

जानकारी के मुताबिक, गोंड़पारा और सरकंडा क्षेत्र से आए कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर पहले गाली-गलौज हुई। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद कर रहे युवकों को अलग किया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने संबंधित युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

विसर्जन से पहले प्रशासन ने दिए थे सख्त निर्देश

गणेशोत्सव और विसर्जन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने पहले ही आयोजन समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें विसर्जन के दौरान उपद्रव, हुड़दंग और विवाद से दूर रहने की अपील की गई थी।

प्रशासन की ओर से डीजे संचालन को लेकर भी निर्धारित नियमों और न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। आयोजन समितियों को भी जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनने देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसके बावजूद शहर के अलग-अलग हिस्सों में विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आईं।

रास्ता रोककर डीजे बजाने से यातायात भी प्रभावित

गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर रास्ते रोककर डीजे बजाने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

जुलूस और वाहनों की आवाजाही के कारण कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनी, जिससे आम लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस की कार्रवाई जारी

गणेश विसर्जन के दौरान हुई दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सिरगिट्टी मामले में घायल युवकों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है, जबकि जूना बिलासपुर मामले में पुलिस ने विवाद में शामिल युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप, हेडमास्टर का वीडियो वायरल; शिकायत की चुनौती देने के बाद निलंबित

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जांजगीर-चांपा- जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है। भांठापारा भुईगांव के शासकीय स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर योगेश्वर सिंह कंवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वे कथित तौर पर नशे की हालत में स्कूल परिसर में नजर आ रहे हैं।

मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पामगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय से अटैच किया गया है।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हेडमास्टर स्कूल परिसर में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि उस समय वे शराब के नशे में थे और उनका व्यवहार सामान्य नहीं था।

बताया जा रहा है कि स्कूल के कुछ शिक्षकों ने उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसी दौरान कथित तौर पर उन्होंने शिक्षकों को शिकायत करने की चुनौती दी।

वायरल वीडियो में वे कथित तौर पर शिक्षकों से वीडियो बनाने और उसे जहां शिकायत करनी हो वहां भेजने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में BEO, DEO और कलेक्टर तक शिकायत करने का भी जिक्र बताया जा रहा है।

हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति और लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

महिला शिक्षक से विवाद का भी जिक्र

मामले के साथ स्कूल में हेडमास्टर और एक महिला शिक्षक के बीच कथित विवाद की बात भी सामने आई है।

आरोप है कि हेडमास्टर ने बच्चों के सामने महिला शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके पढ़ाने के तरीके पर टिप्पणी की। वायरल वीडियो में भी महिला शिक्षक से संबंधित बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जनप्रतिनिधियों ने स्कूल पहुंचकर संभाली स्थिति

हेडमास्टर के कथित व्यवहार की जानकारी मिलने के बाद गांव के कुछ जनप्रतिनिधि भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने मामले को शांत कराने और हेडमास्टर को समझाने का प्रयास किया।

इसी दौरान स्कूल परिसर में हुई बातचीत और घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया गया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामला प्रशासन तक पहुंचा।

कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई

वायरल वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जांच के निर्देश दिए।

जिला शिक्षा अधिकारी मनोहर प्रताप सिंह के अनुसार, हेडमास्टर के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने संबंधी जानकारी वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आई थी। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और पामगढ़ BEO कार्यालय से अटैच किया गया।

प्रशासन के अनुसार, जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमों के तहत आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश

घटना के बाद कलेक्टर ने जिले के शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर—

  • शिक्षकों की उपस्थिति,

  • अनुशासन,

  • स्कूल में शिक्षकों के आचरण,

  • शिक्षण व्यवस्था और

  • विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण

की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।

इसके अलावा नशे की हालत में स्कूल आने या अनुशासनहीनता से संबंधित शिकायतें मिलने पर उनकी जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुराने मामलों की भी होगी समीक्षा

कलेक्टर ने जिले में पहले सामने आए शिक्षकों की अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों की जानकारी भी मांगी है। अधिकारियों से ऐसे मामलों में हुई विभागीय जांच और अब तक की गई कार्रवाई की वर्तमान स्थिति बताने को कहा गया है।

इससे प्रशासन को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पूर्व में सामने आए मामलों में क्या कार्रवाई हुई और क्या कोई मामला अभी लंबित है।

अब जांच रिपोर्ट पर रहेगी नजर

फिलहाल हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच के दौरान वायरल वीडियो, संबंधित शिक्षकों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि हेडमास्टर के खिलाफ आगे क्या विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व से परिवर्तित भूमि को अन्य मद में परिवर्तित करने की सुविधा होगी ऑनलाइन

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सोमवार से ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने तक ऑफलाइन आवेदन की सुविधा रहेगी जारी

रायपुर- पूर्व से परिवर्तित भूमि को अन्य मद में परिवर्तित करने संबंधी ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित कर लिया गया है, जिसे आगामी सोमवार से राजस्व पोर्टल पर लाइव किया जाएगा। नागरिक ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

ऑफलाइन आवेदन अभी जारी

राज्य शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में ऑफलाइन आवेदन की सुविधा बंद नहीं की गई है। ऑनलाइन मॉड्यूल के लाइव होने तक नागरिक पूर्व की भांति संबंधित कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

SDM कार्यालय रायपुर का निरीक्षण

ततसंबंध में SDM कार्यालय रायपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रकरणों एवं अभिलेखों का परीक्षण किया गया। साथ ही इस संबंध में ऑनलाइन सुविधा लागू किये जाने तक अनिवार्यतः पूर्व अनुसार ऑफलाइन आवेदन ecourt अंतर्गत न्यायालय द्वारा स्वीकार करने का  निर्देश दिया ।

महासमुंद में मानव तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 10 ठिकानों पर छापेमारी; 5 गिरफ्तार

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महासमुंद- महासमुंद पुलिस ने मानव तस्करी, अवैध श्रमिक परिवहन और कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नेटवर्क से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोग शामिल बताए गए हैं। 

नाबालिग के गर्भवती होने से शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का खुलासा एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की सूचना मिलने के बाद शुरू हुई जांच से हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, 21 सितंबर को एक अस्पताल/मेटरनिटी होम की ओर से पुलिस को सूचना मिली थी कि नाबालिग गर्भवती है।

जांच में सामने आया कि नाबालिग को उसके परिवार के साथ मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठे पर भेजा गया था। वहां उसके कथित शोषण की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए जांच शुरू की। इसी जांच के दौरान पुलिस को मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने वाले एक बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।

गरीब परिवारों को एडवांस और कर्ज के जाल में फंसाने का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, नेटवर्क पर आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर परिवारों को एडवांस रकम और कर्ज देकर दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में काम करने के लिए भेजा जाता था।

पुलिस को ऐसे दस्तावेज और रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई है, जिनसे बड़ी संख्या में मजदूरों के दूसरे राज्यों में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में बच्चों और नाबालिगों के भी अपने परिवारों के साथ मजदूरी के लिए बाहर जाने की बात सामने आई है।

10 ठिकानों पर एक साथ रेड

महासमुंद पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नेटवर्क से जुड़े 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की।

पुलिस के अनुसार जब्त सामान में—

  • ₹1,48,54,750 नकद

  • मजदूर पलायन से संबंधित रजिस्टर और डायरी

  • मोबाइल फोन

  • बैंक पासबुक

  • चेकबुक

  • ATM कार्ड

  • मॉर्गेज/स्टांप संबंधी दस्तावेज

  • नोट गिनने की मशीन

  • अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सामग्री

शामिल हैं। 

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपियों के नाम मुकेश चंद्राकर, नसीम बानो उर्फ लता सबर, मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू और पीयूष अग्रवाल बताए गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा से जुड़े लोग शामिल हैं। 

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जब्त दस्तावेजों की जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा इसके पूरे संचालन की जानकारी जुटाई जा रही है।

हजारों मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने की जांच

जांच एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड से कथित तौर पर पता चला है कि नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में मजदूरों को दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में भेजा गया। जांच में ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जो हजारों मजदूरों के दूसरे राज्यों में भेजे जाने की ओर संकेत करते हैं। 

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितने मजदूरों को इस नेटवर्क के जरिए बाहर भेजा गया, उन्हें किन राज्यों में भेजा गया और वहां उनके साथ किस तरह की परिस्थितियां रहीं।

बाल मजदूरी और शोषण के आरोपों की भी जांच

पुलिस की जांच केवल मजदूरों के अवैध परिवहन तक सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच में नाबालिगों को काम के लिए दूसरे राज्यों में भेजने और उनके कथित शोषण से जुड़े साक्ष्य भी सामने आए हैं।

हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस फिलहाल जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। 

संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई

पुलिस के अनुसार, मामले में थाना खल्लारी में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान भी जोड़ा गया है। 

अब आगे क्या होगा?

महासमुंद पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन किस स्तर तक फैला हुआ था। साथ ही उन मजदूरों और नाबालिगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें कथित तौर पर दूसरे राज्यों में भेजा गया था।

पुलिस की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जब्त रकम का स्रोत क्या था और बैंक खातों, दस्तावेजों तथा मोबाइल रिकॉर्ड से नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान होती है या नहीं।


छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, नदियां उफान पर; आज सभी स्कूल बंद

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बस्तर संभाग समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव जैसे हालात बने हुए हैं।

इंद्रावती, महानदी और शिवनाथ का बढ़ा जलस्तर

बस्तर में इंद्रावती नदी खतरे के निशान से करीब 7 फीट ऊपर बह रही है। वहीं धमतरी के गंगरेल बांध के सभी गेट खोले गए हैं, जिसके बाद महानदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के उफान के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं।

राज्य के सभी स्कूल आज बंद

लगातार बारिश और बिगड़ते मौसम को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इससे पहले कई प्रभावित जिलों में स्थानीय स्तर पर भी स्कूलों में छुट्टी की गई थी।

प्रशासन अलर्ट, राहत-बचाव अभियान तेज

निचले इलाकों में पानी भरने के कारण कई स्थानों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पूरी सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित

भारी बारिश का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है। रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई मार्गों पर जलभराव के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। बस्तर के कुछ हिस्सों में बाढ़ के पानी के कारण गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

https://youtube.com/shorts/VriGcE7-P70?feature=share

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम की स्थिति को देखते हुए निचले और नदी किनारे के इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल प्रदेश में बारिश का असर बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

संभल मस्जिद सर्वे मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अपडेट, फैसला सुरक्षित

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नई दिल्ली- संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह याचिका संभल जामा मस्जिद समिति की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसके तहत मस्जिद का सर्वे कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद वर्ष 2024 में दायर एक सिविल मुकदमे से जुड़ा है। हिंदू पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि जिस स्थान पर वर्तमान में शाही जामा मस्जिद स्थित है, वहां पहले मंदिर था। इसी दावे के आधार पर स्थानीय अदालत ने मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। 

मस्जिद समिति ने इस आदेश को चुनौती देते हुए पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने मई 2025 में सर्वे के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद मस्जिद समिति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। 

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार की दलीलें भी सुनी गईं। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इसका मतलब है कि अदालत बाद की तारीख में अपना फैसला सुनाएगी

मस्जिद समिति की ओर से मामले में Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी हवाला दिया गया है। दूसरी ओर, हिंदू पक्ष ने सर्वे से संबंधित निचली अदालत के आदेश का बचाव किया है। 

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

संभल मस्जिद विवाद धार्मिक स्थलों से जुड़े मुकदमों और 1991 के Places of Worship Act की व्याख्या से जुड़े व्यापक कानूनी सवालों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के आगामी आदेश से इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है और अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर है। 


तरंग शक्ति 2026: आसमान में दिखेगा दुनिया के आधुनिक लड़ाकू विमानों का दम, F-35 और Rafale समेत 80 से ज्यादा विमान होंगे शामिल

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जोधपुर- भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शनिवार, 26 सितंबर से राजस्थान के जोधपुर में शुरू हो रहा है। करीब दो सप्ताह तक चलने वाले इस बड़े सैन्य अभ्यास में भारत समेत कई देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अभ्यास में 80 से ज्यादा भारतीय और विदेशी विमान शामिल होंगे। 


पहली बार IAF के साथ अभ्यास करेगा अमेरिकी F-35

इस अभ्यास की सबसे बड़ी खासियत अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट की भागीदारी है। यह पहली बार है जब F-35 भारत में किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय वायुसेना के साथ ऑपरेशनल एक्सरसाइज में हिस्सा लेगा। इससे पहले F-35 भारत में Aero India जैसे एयर शो में दिखाई दे चुका है। 

Rafale और Tejas भी होंगे शामिल

अभ्यास में अमेरिकी F-35 के साथ फ्रांस के Rafale, भारत के Tejas और Su-30MKI सहित कई आधुनिक लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। इसके अलावा UAE के F-16 समेत अन्य देशों के एयरक्राफ्ट और सपोर्ट प्लेटफॉर्म भी अभ्यास का हिस्सा होंगे। 

कई देशों की वायु सेनाएं एक साथ

तरंग शक्ति-2026 का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल अनुभव, आपसी तालमेल (interoperability) और संयुक्त अभियानों की क्षमता को बेहतर करना है। अभ्यास में लड़ाकू विमानों के अलावा परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर, AWACS और अन्य हवाई संसाधनों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। 

करीब 1,500 सैन्यकर्मी होंगे शामिल

रिपोर्टों के अनुसार इस अभ्यास में लगभग 1,500 personnel, जिसमें एयरक्रू, तकनीकी विशेषज्ञ और ग्राउंड स्टाफ शामिल हैं, हिस्सा लेंगे। यह भारतीय वायुसेना का अब तक का सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय एयर-कॉम्बैट अभ्यास बताया जा रहा है। 

क्या है अभ्यास का मुख्य उद्देश्य?

तरंग शक्ति के दौरान विभिन्न देशों के विमान एक साथ उड़ान संचालन, सामरिक प्रशिक्षण और संयुक्त मिशन से जुड़े अभ्यास करेंगे। इसका प्रमुख उद्देश्य एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं को समझना, संयुक्त अभियानों में तालमेल बढ़ाना और वास्तविक परिस्थितियों जैसे हवाई ऑपरेशंस में प्रशिक्षण लेना है

तरंग शक्ति-2026 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान F-35, Rafale, Tejas और अन्य आधुनिक विमान एक ही बहुराष्ट्रीय अभ्यास में नजर आएंगे, जिससे यह भारतीय वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण मंच बन गया है। 


आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

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 रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया।


आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए।


महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।

पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में AFSPA फिर बढ़ा, 1 अक्टूबर से छह महीने तक रहेगा लागू

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नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) को अगले छह महीनों के लिए बढ़ा दिया है। यह विस्तार 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और अधिसूचना के अनुसार इसे पहले वापस नहीं लिया गया तो छह महीने तक लागू रहेगा। 

किन इलाकों में रहेगा AFSPA?

मणिपुर:
राज्य में AFSPA के तहत 'Disturbed Area' की घोषणा जारी रहेगी, हालांकि पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। 

नागालैंड:
AFSPA को 9 जिलों—Dimapur, Niuland, Chumoukedima, Mon, Kiphire, Noklak, Phek, Peren और Meluri में बढ़ाया गया है।

अरुणाचल प्रदेश:
राज्य के कुछ चिन्हित क्षेत्रों में भी AFSPA की अवधि आगे बढ़ाई गई है। यह फैसला संबंधित क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है। 


क्या है AFSPA?

Armed Forces (Special Powers) Act, 1958 के तहत 'Disturbed Area' घोषित क्षेत्रों में सशस्त्र बलों को कानून के तहत कुछ विशेष अधिकार मिलते हैं। इनमें निर्धारित परिस्थितियों में गिरफ्तारी और बल प्रयोग से जुड़े अधिकार शामिल हैं। 

केंद्र सरकार के अनुसार, यह विस्तार संबंधित क्षेत्रों की मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद किया गया है। 


सरकारी नौकरी का झांसा देकर 16 लाख लेने का आरोप, पति-पत्नी के खिलाफ शिकायत

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 रामानुजनगर, 26 सितंबर 2026। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक परिवार से 16 लाख रुपए लेने का मामला सामने आया है। ग्राम तेजपुर निवासी एक व्यक्ति ने पति-पत्नी के खिलाफ थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके बेटे, बहू और नाती को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर वर्ष 2021 में अलग-अलग तारीखों पर बैंक के माध्यम से रकम ली गई।


शिकायतकर्ता के मुताबिक, लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने के बाद जब उसने रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई। शिकायत के साथ बैंक लेनदेन का स्टेटमेंट भी पुलिस को सौंपा गया है।

तीन लोगों की नौकरी के नाम पर 16 लाख लेने का आरोप

ग्राम तेजपुर निवासी बिरंजन ने 24 सितंबर को रामानुजनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आवेदन में उसने बृजलाल लकड़ा और उसकी पत्नी संतोषी लकड़ा पर आरोप लगाया है कि दोनों ने उसके बेटे, बहू और नाती को शासकीय नौकरी दिलाने का भरोसा देकर कुल 16 लाख रुपए लिए।

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 में अलग-अलग तारीखों पर बैंक के जरिए रकम दी गई। इसके बाद आरोपितों की ओर से नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन नियुक्ति आदेश नहीं मिला।

रकम वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप

जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई।

शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने और 16 लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की है।

बैंक स्टेटमेंट पुलिस को सौंपा

बिरंजन ने शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति भी पुलिस को दी है। शिकायतकर्ता का दावा है कि बैंक रिकॉर्ड के जरिए आरोपितों को रकम दिए जाने की पुष्टि होती है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। शिकायतकर्ता ने अगस्त 2025 में साइबर थाना सूरजपुर में शिकायत किए जाने का भी जिक्र किया है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लिया है। फिलहाल आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस बैंक लेनदेन, रकम दिए जाने के कारण और सरकारी नौकरी लगवाने के कथित वादे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और 16 लाख रुपए के लेनदेन की वास्तविक स्थिति क्या है।

नौकरी के नाम पर पैसे देने से पहले करें सत्यापन

सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम मांगने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। भर्ती और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ही सत्यापित करनी चाहिए। किसी व्यक्ति के प्रभाव या पहुंच के दावे के आधार पर रकम देना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

UN में भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब, कहा- आतंकवाद जारी रहा तो होंगे परिणाम

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न्यूयॉर्क- संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के UNGA संबोधन के बाद भारत ने Right of Reply के तहत पाकिस्तान के आरोपों का जवाब दिया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव Petal Gahlot ने पाकिस्तान पर लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा और आतंकवाद जारी रहने पर इसके परिणाम होंगे।

कश्मीर मुद्दे पर भी भारत ने दिया जवाब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान के दावों को खारिज किया।

भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद, लोकतांत्रिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।

आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से स्पष्ट किया कि सीमा पार आतंकवाद को लेकर उसकी नीति में कोई नरमी नहीं है। भारतीय पक्ष ने कहा कि आतंकवाद और उससे जुड़ी गतिविधियों का जवाब देने के लिए भारत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेगा।

भारत-पाकिस्तान के बीच UN में यह ताजा कूटनीतिक टकराव ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देशों के बीच आतंकवाद और कश्मीर को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं।

एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, पदकों की संख्या 27 पहुंची

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नई दिल्ली- एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत ने अब तक कुल 27 पदक अपने नाम कर लिए हैं। इनमें 3 स्वर्ण, 11 रजत और 13 कांस्य पदक शामिल हैं।

महिला कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एक और गोल्ड दिलाया।

Marathon में Sawan Barwal का शानदार प्रदर्शन

एथलेटिक्स में Sawan Barwal ने Marathon स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारत ने एशियन गेम्स की Marathon स्पर्धा में 44 साल बाद पदक हासिल किया है।

भारत की पदक तालिका

पदक    संख्या
🥇 स्वर्ण3
🥈 रजत11
🥉 कांस्य13
कुल27

भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देश में उत्साह का माहौल है। आने वाले मुकाबलों में भी भारत की नजरें पदकों की संख्या बढ़ाने पर रहेंगी।

भारत के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है और पूरा देश उनके अगले मुकाबलों का इंतजार कर रहा है। 

खेत में फटा ट्रांसफार्मर, गर्म तेल की चपेट में आए 3 किसान; पिता-पुत्र की एक साथ उठीं अर्थियां

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 बेमेतरा। जिले के मोहतरा गांव में खेत में काम करने के दौरान ट्रांसफार्मर फटने से गंभीर रूप से झुलसे पिता-पुत्र समेत तीन किसानों की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद तीनों को रायपुर रेफर किया गया था, जहां कई दिनों तक उपचार चलने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मोहतरा गांव में शोक का माहौल है।


ट्रांसफार्मर फटने से गर्म तेल की चपेट में आए किसान

जानकारी के मुताबिक, मोहतरा निवासी किसान राधेश्याम चंद्राकर (50) और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर (32) खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान पास में लगा विद्युत ट्रांसफार्मर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। ट्रांसफार्मर से निकला गर्म तेल पिता-पुत्र समेत पास में मौजूद किसान ईश्वर पटेल (62) पर जा गिरा।

हादसे में तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल बेमेतरा जिला अस्पताल पहुंचाया।

हालत गंभीर होने पर रायपुर किया गया रेफर

जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर किया गया। रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई।

पिता-पुत्र की एक साथ उठीं अर्थियां

हादसे में पिता राधेश्याम और उनके इकलौते बेटे छन्नू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। पिता-पुत्र की अर्थियां एक साथ उठने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

मृतक छन्नू चंद्राकर अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार के साथ ग्रामीण भी गमगीन हैं। वहीं, तीसरे मृतक किसान ईश्वर पटेल का शव भी पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

हादसे के बाद उठ रहे बिजली व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद गांव में बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बिजली बंद होने के कारण किसान खेतों में काम कर रहे थे। हादसे के वास्तविक कारण और ट्रांसफार्मर की स्थिति को लेकर संबंधित विभाग की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

30 हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत, खेतों में धान की फसल रौंदी; दंतैल ने तोड़ा कच्चा मकान

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 कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल में हाथियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। केंदई, एतमानगर और जटगा रेंज के बाद करीब 30 हाथियों का झुंड अब पसान रेंज के लैंगी, मोहनपुर और बनिया क्षेत्र में पहुंच गया है। हाथियों के अलग-अलग दलों में बंटकर पांच से अधिक स्थानों पर विचरण करने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।


खेतों में घुसे हाथी, धान की फसल को नुकसान

बीती रात हाथियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों में पहुंचकर धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि हाथी अब दिन में भी खेतों में पहुंचकर फसल खा रहे हैं, जबकि रात के समय गांवों के आसपास उनकी मौजूदगी देखी जा रही है। इससे किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है।

वन क्षेत्रों के आसपास लगातार हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खासकर रात के समय ग्रामीणों को घर से बाहर निकलने और खेतों की ओर जाने में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

झुंड से अलग दंतैल ने कच्चा मकान तोड़ा

पसान क्षेत्र में झुंड से अलग घूम रहे एक दंतैल हाथी ने मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच थुहानाला के पास एक ग्रामीण के कच्चे मकान को नुकसान पहुंचाया। रात के समय हाथी ने मकान को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया।

घटना के दौरान मकान मालिक परदेशी अपने परिवार के साथ घर के एक कमरे में डरे-सहमे बैठे रहे। हाथी के हमले से मकान को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।

अकेले घूम रहे दंतैल से ग्रामीणों को ज्यादा खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का बड़ा झुंड आमतौर पर गांवों के ज्यादा नजदीक नहीं आता, लेकिन झुंड से अलग होकर घूमने वाले दंतैल हाथियों की मौजूदगी अधिक जोखिम वाली होती है। पसान रेंज में सक्रिय हाथियों के दल में दो हाथियों के अकेले घूमने की भी जानकारी सामने आई है।

लगातार स्थान बदलने के कारण इन हाथियों की निगरानी वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, गांवों में मुनादी

हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। हाथियों की मौजूदगी वाले गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की अपील की है। विभागीय टीमें हाथियों की लोकेशन पर लगातार नजर रख रही हैं।

करतला रेंज में भी 9 हाथियों की मौजूदगी

कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी 9 हाथियों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। ये हाथी बेहरसुआं क्षेत्र में पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले इनकी मौजूदगी लबेद के आसपास थी। वहीं चिकनीपाली के पहाड़ पर भी 9 हाथियों का एक दल मौजूद बताया जा रहा है।

जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों की सक्रियता के बीच वन विभाग के सामने उनकी निगरानी के साथ ग्रामीणों और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है।

महादेवघाट पुल के ऊपर बह रहा पानी, आवागमन बाधित; पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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 दुर्ग। लगातार हो रही बारिश के चलते दुर्ग जिले में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। महादेवघाट पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण अमलेश्वर से रायपुर जाने वाला मार्ग प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने 26 सितंबर को एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।


पुलिस के मुताबिक, अमलेश्वर से रायपुर जाने वाले महादेवघाट मार्ग पर जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके चलते इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि महादेवघाट मार्ग का फिलहाल उपयोग न करें और आवागमन के लिए मुख्य मार्ग अथवा तरीघाट मार्ग का इस्तेमाल करें।


शिवनाथ नदी में तेज बहाव, गणेश विसर्जन पर भी रोक

दुर्ग के पुलगांव स्थित शिवनाथ नदी के पुल के पास भी पानी का बहाव तेज है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां गणेश विसर्जन नहीं किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और पुल के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।

बारिश के बीच नदी-नालों से दूर रहने की अपील

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। महादेवघाट क्षेत्र में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने और पुल के ऊपर पानी बहने से खतरा बढ़ गया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें। साथ ही प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से नदी या पुल के आसपास जाने से बचें।

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