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शिक्षको ने बच्चों को बताया होली का महत्व ,कहा सावधानी पूर्वक खेले होली

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आरंग- अंचल में होली की तैयारियां जोरों पर है। गांव गांव में होलिका दहन की तैयारियां की जा रही है।होली को लेकर लोगों में खासा उत्साह है,खासकर बच्चों में। वहीं सोमवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक एवं नवीन प्राथमिक शाला चरौदा में शिक्षकों ने बच्चों को होली का महत्व बताते हुए सावधानी बरतते हुए होली खेलने को कहा। वहीं शिक्षको ने बच्चों को होलिका दहन की कथा सतयुग से तथा रंग गुलाल खेलने की परंपरा द्वापर युग से जुड़े होने की जानकारी देते हुए होली का महत्व बताया। कल चंद्रग्रहण होने के कारण बच्चों ने एक दिन पहले ही एक दूसरे पर गुलाल लगाकर जमकर होली खेले।


आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन-26 अभियान के तहत अलेक्जेंड्रिया पहुँची

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भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस सुदर्शिनी 01 मार्च 2026 को ऐतिहासिक बंदरगाह नगर अलेक्जेंड्रिया पहुँचा, जो उसके जारी अंतरमहासागरीय अभियान ‘लोकायन-26’ की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह आगमन पिछले सप्ताह सफ़ागा से प्रस्थान के बाद पोत के स्वेज नहर से उत्तर की ओर पारगमन के उपरांत हुआ।

तीन मस्तूलों वाला यह बार्क पोत 193 किलोमीटर लंबी  स्वेज नहर से होकर गुजरा, जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाले विश्व के ऐतिहासिक समुद्री द्वारों में से एक है। यह पारगमन इस वैश्विक यात्रा में भाग ले रहे प्रशिक्षुओं के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण उपलब्धि रहा।

अलेक्जेंड्रिया में प्रवेश “ब्रिजेज़ ऑफ फ्रेंडशिप” पहल को और सुदृढ़ करता है, जो भारत और मिस्र के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी का उत्सव है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों की समृद्ध विरासत कई शताब्दियों पुरानी है। हाल के वर्षों में रक्षा और समुद्री सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं। सुदर्शिनी की यह यात्रा समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करती है।

आगमन पर पोत का स्वागत मिस्र की नौसेना और भारतीय दूतावास के अधिकारियों द्वारा किया गया। कमांडिंग अधिकारी ने अलेक्जेंड्रिया नौसैनिक अड्डे के कमांडर रियर एडमिरल महमूद अब्देलसत्तार से भेंट की। पोर्ट कॉल के दौरान दल के सदस्य पेशेवर आदान-प्रदान, सामुदायिक संपर्क और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनका उद्देश्य पारस्परिक सद्भाव को प्रोत्साहित करना, परस्पर संचालन क्षमता को सुदृढ़ करना और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना है।


उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने तमिल विरासत और महान विभूतियों पर आधारित 16 पुस्तकों का विमोचन किया

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भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने आज Publications Division, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित 16 महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन Uparashtrapati Bhavan में किया। ये पुस्तकें प्रख्यात तमिल विद्वानों, विरासत, वास्तुकला, साहित्य, संस्कृति और सभ्यतागत चिंतन पर आधारित हैं।

इन प्रकाशनों में विविध विषयों को समाहित किया गया है, जिनमें Rameswaram — उत्तर से दक्षिण भारत तक आध्यात्मिक एकता का प्रतीक पवित्र तीर्थ; Sri Ramanuja का जीवन और दर्शन; नडुकल परंपरा; प्राचीन व्यापारिक केंद्र Arikamedu; नयनमारों और आलवारों की भक्ति साहित्य परंपरा; प्राकृतिक कृषि पद्धतियाँ; प्राचीन तमिल वाद्ययंत्र; तमिलनाडु के लोक देवता; उभरती वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियाँ; तथा Meenakshi Amman Temple और Brihadeesvara Temple की स्थापत्य भव्यता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त Manimekalai तथा महाविद्वान Mahavidwan Meenakshi Sundaram Pillai पर आधारित कृतियाँ भी इन पुस्तकों में सम्मिलित हैं।

उपराष्ट्रपति ने गर्व और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जारी की गई पुस्तकें तमिल सभ्यता की गहराई और विविधता को प्रतिबिंबित करती हैं, जिनमें मंदिर परंपराएँ, दर्शन, वास्तुकला, साहित्य, संगीत, विज्ञान, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक चिंतन का समावेश है।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने Bankim Chandra Chatterjee पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया, जो तमिल, अंग्रेज़ी और हिंदी भाषाओं में प्रकाशित हुई है। “वंदे मातरम्” के अमर शब्दों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि इस गीत ने लाखों लोगों के हृदय में क्रांति की ज्योति प्रज्वलित की और असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ये दो शब्द हमारी मातृभूमि की आत्मा, हमारी नदियों की शक्ति और हमारी धरती की सुगंध को अभिव्यक्त करते हैं।

उन्होंने तमिल को विश्व की प्राचीनतम शास्त्रीय भाषाओं में से एक बताते हुए कहा कि इसका दो सहस्राब्दियों से अधिक का साहित्यिक और दार्शनिक इतिहास है। आज प्रकाशित पुस्तकें तमिल ज्ञान परंपरा की बौद्धिक गहराई और सभ्यतागत निरंतरता को दर्शाती हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय मंदिर केवल पूजा के स्थान नहीं, बल्कि कला, वास्तुकला, संगीत, खगोलशास्त्र, गणित और सामाजिक संगठन के केंद्र रहे हैं। हमारे पूर्वज दर्शन, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अद्वितीय थे।

उन्होंने कहा कि भारत अनेक भाषाओं का देश है, किंतु उसकी सभ्यतागत आत्मा एक है। विभिन्न भाषाओं, धर्मों और राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद भारत सांस्कृतिक रूप से एक राष्ट्र रहा है। “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “याधुम ऊरे यावरुम केलिर” जैसी अवधारणाएँ इसी एकात्म भाव को व्यक्त करती हैं।

उन्होंने कहा कि Ramayana और Mahabharata का प्रसार भारत के प्रत्येक ग्राम तक स्वाभाविक रूप से हुआ। ये महाकाव्य थोपे नहीं गए, बल्कि साझा आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से जन-जन द्वारा अपनाए गए।

प्रधानमंत्री Narendra Modi के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ सांस्कृतिक संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने वैश्विक मंचों पर Thirukkural तथा Subramania Bharati का उल्लेख किए जाने की सराहना की।

उन्होंने मलेशिया के एक विश्वविद्यालय में Thiruvalluvar पीठ की स्थापना की घोषणा का स्मरण करते हुए Kashi Tamil Sangamam जैसी पहलों को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि तमिल भाषा को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिल रहा है तथा तमिल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। इनमें Pulithevar, Velu Nachiyar, Veerapandiya Kattabomman, Ondiveeran, Thiruppur Kumaran, Theeran Chinnamalai, Kuyili, Sundaralinganar तथा मरुदु बंधु प्रमुख हैं।

उन्होंने कहा कि प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित ये पुस्तकें केवल साहित्यिक कृतियाँ नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए पथप्रदर्शक दीप हैं। तीव्र परिवर्तनशील प्रौद्योगिकी युग में युवाओं को मजबूत जड़ों के साथ ऊँची उड़ान की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा पुस्तक-पठन के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw, राज्य मंत्री L. Murugan, उपराष्ट्रपति के सचिव Amit Khare तथा प्रकाशन विभाग के प्रधान महानिदेशक Bhupendra Kainthola सहित अनेक विद्वान और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए आर्थिक उन्नति के साथ सांस्कृतिक शक्ति का सुदृढ़ होना भी अनिवार्य है।

होली सद्भाव, अपनत्व और गिले-शिकवे भुलाने का पर्व है : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह “रंगोत्सव” एवं “महामूर्ख सम्मेलन 2026” में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करने का पावन अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन और गिले-शिकवे भुलाकर नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा रही है। रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का कार्य कर रहा है, यह परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहनी चाहिए। उन्होंने प्रेस क्लब परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कामना की कि यह उल्लासपूर्ण पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता लेकर आए।


इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने मुख्यमंत्री साय का अनूठे अंदाज में मिर्ची की माला पहनाकर तथा त्रिशूलनुमा पिचकारी भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया।


मुख्यमंत्री साय ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकार

होली मिलन समारोह में उमंग का तब अनोखा वातावरण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने तालियों से उत्साह व्यक्त किया और पूरे परिसर में आनंद की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकार साथियों के साथ फाग गीतों और होली के उल्लास में सहभागी बने। कार्यक्रम में संगीत, संस्कृति और आपसी भाईचारे का सुंदर संगम देखने को मिला।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार आर कृष्णा दास, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित अन्य पत्रकारगण, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

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नई दिल्ली- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) सरकार द्वारा आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में भाग लिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं, वैज्ञानिक के रूप में प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं और खेल प्रतियोगिताओं में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहरा रही हैं। राजनीति, समाजसेवा, प्रशासन और व्यापार—सभी क्षेत्रों में महिलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। देशभर के दीक्षांत समारोहों में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बढ़ती बालिकाओं की संख्या प्रेरणादायक है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अब भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़ियों और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन बाधाओं को दूर किए बिना महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिला तभी वास्तविक रूप से सशक्त होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम हो, आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके और उसे समान अवसर एवं सुरक्षा प्राप्त हो। एक सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बदलती है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी निर्धारित करती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है। ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ लाखों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करा रही है। ‘लखपति दीदी योजना’ जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान कर रही हैं। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन एवं सहयोग देना हम सभी का कर्तव्य है। हमें महिलाओं को यह विश्वास दिलाना होगा कि वे सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा भी कर सकती हैं, और हम उनके साथ खड़े हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है, जहां हर राज्य और क्षेत्र के लोग निवास करते हैं। यदि दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हों तथा समाज के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करें, तो यह पूरे देश में सकारात्मक संदेश देगा। दिल्ली को महिला-नेतृत्व विकास का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समृद्ध दिल्ली और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार और समाज को उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना होगा। ऐसा वातावरण जहां वे बिना किसी दबाव या भय के अपने जीवन से जुड़े स्वतंत्र निर्णय ले सकें।

द्रौपदी मुर्मु से 128वें इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम के आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात

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नई दिल्ली- राज्य सिविल सेवाओं से पदोन्नत होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए अधिकारियों ने, जो Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration में आयोजित 128वें इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब उनकी जिम्मेदारियां केवल किसी जिले या राज्य तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर की व्यापक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इन जिम्मेदारियों के लिए विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर समन्वित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से संस्थागत समन्वय को सुदृढ़ किया जा सकता है और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि अब वे किसी एक क्षेत्र के प्रशासक नहीं, बल्कि पूरे देश में सुशासन के मानकों के संरक्षक हैं। उनके प्रत्येक निर्णय में वर्ष 2047 तक विकसित भारत (विकसित भारत) के लक्ष्य की झलक दिखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक आईएएस अधिकारी के रूप में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन कर जनता की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को पूरा करें। उनका अनुभव और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना जटिल चुनौतियों का सामना करने में मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने समावेशी विकास में योगदान देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारत का विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब इसका लाभ समाज के सबसे वंचित और कमजोर वर्गों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सुनिश्चित करें कि भौगोलिक, सामाजिक या आर्थिक कारणों से कोई भी समुदाय पीछे न छूटे।

सतत विकास और जलवायु अनुकूल शासन को भी उन्होंने प्राथमिकता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासकों के रूप में उन्हें हरित पहलों को बढ़ावा देना, जलवायु-संवेदनशील नीतियों को अपनाना और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना होगा। आज के सामूहिक प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के जीवन की गुणवत्ता तय करेंगे।

जंग के बीच भारत की पहल: पीएम मोदी ने शांति की आवाज बुलंद की

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 नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को लेकर भारत ने शांति और कूटनीति पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वर्तमान संकट बेहद चिंताजनक है और इसका समाधान केवल संवाद, कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति, स्थिरता और वैश्विक सहयोग का पक्षधर रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है, लेकिन भारत का रुख स्पष्ट है—विवादों का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव कदम उठाया जाएगा।

कनाडा के साथ वार्ता के बाद बयान

यह बयान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद दिया। इस दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक पर मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी।

नेतन्याहू से फोन पर बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर क्षेत्र के हालात पर चिंता जताई और जल्द से जल्द दुश्मनी समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब दो लोकतांत्रिक देश शांति के पक्ष में खड़े होते हैं, तो दुनिया में स्थिरता की उम्मीद मजबूत होती है।

भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार सतर्क

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी कहा कि खाड़ी देशों या अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं।

उन्होंने चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत पहले भी संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाता रहा है और इस बार भी आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने दोहराया कि दुनिया के किसी भी हिस्से में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उन्हें सुरक्षित घर लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

बस्तर की खुशबू और हर्बल रंगों से महकेगी होली

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 रायपुर : रंगों के महापर्व होली की आहट के साथ ही बस्तर में उत्सव का माहौल बनने लगा है। इस वर्ष होली को सुरक्षित और स्थानीय हुनर के साथ यादगार बनाने के लिए जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट परिसर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हर्बल गुलाल और फैंसी सामग्री के विक्रय हेतु विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।


इन स्टॉल्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ उपलब्ध गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक तत्वों से निर्मित है, जो रसायनों के दुष्प्रभावों से मुक्त और त्वचा के लिए पूर्णतः सुरक्षित है।


परिसर में सजे इन स्टॉल्स पर न केवल विभिन्न रंगों के सुगंधित हर्बल गुलाल मिल रहे हैं, बल्कि होली के लिए विशेष फैंसी सामग्री और बच्चों के आकर्षण के केंद्र भी उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन की इस पहल के माध्यम से जहाँ एक ओर आम नागरिकों को शुद्ध और मिलावट रहित रंगों का विकल्प मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त मंच भी प्रदान किया गया है। स्थानीय संसाधनों और फूलों-पत्तियों के अर्क से तैयार यह गुलाल बस्तर की माटी की खुशबू को त्यौहार के उल्लास में घोल रहा है।

प्रशासन और स्व-सहायता समूहों ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और अधिकारी-कर्मचारियों से विनम्र अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन स्टॉल्स पर पधारें। आपकी एक छोटी सी खरीदी न केवल आपकी होली को रंगों से सराबोर करेगी, बल्कि बस्तर की मेहनतकश महिलाओं के जीवन में भी आर्थिक समृद्धि और खुशियों के नए रंग भरेगी। वोकल फॉर लोकल के संकल्प को सार्थक करते हुए इस बार की होली प्राकृतिक रंगों और स्थानीय प्रेम के साथ मनाने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया है।

CG NEWS : सीढ़ियों की ग्रिल से लटका मिला 10वीं का छात्र, पुलिस जांच में जुटी

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 दंतेवाड़ा। जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। बालूद स्थित ‘छू लो आसमान’ बॉयज हॉस्टल में कक्षा 10वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।


सीढ़ियों की ग्रिल से लटका मिला छात्र

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान रौशन तेलाम के रूप में हुई है, जो कुआकोंडा ब्लॉक के नेरली गांव का रहने वाला था। घटना तड़के करीब 3 बजे की बताई जा रही है।

सुबह जब हॉस्टल में रह रहे अन्य छात्र बाथरूम की ओर गए, तब उन्होंने रौशन को हॉस्टल की सीढ़ियों की ग्रिल से फंदे पर लटका हुआ देखा। इसके बाद तुरंत हॉस्टल अधीक्षक को सूचना दी गई। अधीक्षक ने पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और जांच

बताया जा रहा है कि रौशन के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उसकी मां और बड़ा भाई हैं। छात्र द्वारा यह कदम उठाने के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हॉस्टल स्टाफ, सहपाठियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

CG NEWS : तालाब में डूबने से 2 युवकों की मौत, शराब पीने के बाद हाथ-मुंह धोने गए थे

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 बिलासपुर। तालाब में डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों अपने पांच दोस्तों के साथ घूमने निकले थे। हाथ-मुंह धोने के दौरान पैर फिसलने से वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है।


जानकारी के अनुसार, बंधवापारा निवासी हिमांशु चहांदे (21) और देवरीखुर्द निवासी शिवम मानिकपुरी (20) रविवार दोपहर अपने पांच साथियों के साथ खमतराई की ओर घूमने गए थे। सभी युवक अमहा तालाब के किनारे एक पेड़ के नीचे बैठकर शराब पीते हुए बातचीत कर रहे थे।

शाम करीब चार बजे हिमांशु और शिवम हाथ-मुंह धोने के लिए तालाब की ओर गए। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। बताया जा रहा है कि दोनों को तैरना नहीं आता था। गहराई में जाते ही वे डूबने लगे।

साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। एक युवक पानी में उतरा, लेकिन उसे भी तैरना नहीं आता था, जिससे वह भी डूबने लगा। बाकी दोस्तों ने किसी तरह उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक हिमांशु और शिवम लापता हो चुके थे।

दरअसल, अमहा तालाब से मुरूम निकालने के लिए जेसीबी से लगातार खुदाई की गई है, जिससे तालाब काफी गहरा हो गया है। किनारे से ही गहराई शुरू हो जाती है, जो हादसों का कारण बन रही है।

उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले तीन वर्षों में तालाब, नदी और खदान में डूबने से 17 लोगों की मौत हो चुकी है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का बड़ा एक्शन: 15 दिनों में 15 उद्योग बंद, बिजली भी कटी

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा क्षेत्रांतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है। 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 की अवधि में किए गए नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षणों के दौरान विभिन्न उद्योगों में वायु एवं जल प्रदूषण संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मंडल द्वारा कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मंडल द्वारा 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।


स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई

ग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।


मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में भी कार्रवाई

सिलतरा स्थित इण्डक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित इण्डक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, Middle East में मचा हड़कंप

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 सऊदी अरब के रास तानूरा स्थित सऊदी अरामको की प्रमुख तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हमले के बाद परिसर में आग लग गई, जिसे नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।


यह रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी तेल प्रसंस्करण सुविधाओं में से एक मानी जाती है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन है। यह कच्चे तेल के स्थिरीकरण, प्रसंस्करण और वैश्विक बाजारों तक निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

वैश्विक आपूर्ति पर पड़ सकता है असर

सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित यह टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा है। यहां थोड़ी देर के लिए भी उत्पादन बाधित होने पर वैश्विक बाजारों और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है, खासकर मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के माहौल में।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले में ईरान निर्मित Shahed‑136 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

सऊदी सरकार ने की कड़ी निंदा

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और अरामको ने इस हमले को आतंकवादी कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। साथ ही आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए हैं और ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सऊदी अरब ने कहा है कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और अपनी रणनीतिक संपत्तियों की रक्षा करेगा।

बाजार और सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ता है, तो तेल आपूर्ति, कीमतों और समुद्री मार्गों—विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य—पर जोखिम बढ़ सकता है।

बहरहाल, स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है और बाजार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकती है।

‘ईरान समर्थक’ तत्वों पर निगरानी बढ़ी, गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया आगाह

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 पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की आंतरिक सुरक्षा पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संभावित सांप्रदायिक तनाव और हिंसा को लेकर सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है।


सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी को भेजे गए सर्कुलर में राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों से अलर्ट रहने को कहा गया है। इसमें विशेष रूप से ऐसे “ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों” की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जो भड़काऊ भाषण देकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

विदेश की घटनाओं का देश में असर पड़ने की आशंका

एडवाइजरी में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम का असर भारत में धार्मिक आयोजनों और सभाओं के दौरान दिख सकता है। भड़काऊ बयानबाजी के जरिए कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना को देखते हुए इंटेलिजेंस निगरानी बढ़ाने और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है।

यह अलर्ट अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर कथित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान के जवाबी हमलों से क्षेत्र में तेजी से बढ़े तनाव के बीच जारी किया गया है।

नरेंद्र मोदी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संयम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

CCS की बैठक में हालात की समीक्षा

प्रधानमंत्री ने बदलते हालात पर चर्चा के लिए कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता भी की। बैठक में ईरान पर हुए हवाई हमलों, उसके बाद बढ़ते सैन्य तनाव और खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई गई।

कमेटी ने क्षेत्र में यात्रा कर रहे भारतीयों, छात्रों और प्रवासी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, व्यापार और आवागमन पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की भी समीक्षा की गई।

CCS ने तनाव को जल्द समाप्त करने और बातचीत व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर बल दिया।

छत्तीसगढ़ की सबसे अलग होली: कुंवारी लड़कियां बरसाती हैं छड़ियां

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 होली का रंग पूरे देश में अलग-अलग अंदाज में दिखता है, लेकिन पंतोरा गांव की परंपरा इसे बेहद खास बनाती है। यहां होली की शुरुआत देवताओं से होती है और फिर कुंवारी लड़कियां पुरुषों पर छड़ियां बरसाती हैं।


जिला जांजगीर‑चांपा के इस गांव में करीब 300 साल से यह अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। पुरुषों पर छड़ी बरसाने से पहले मां भवानी मंदिर में देवताओं को प्रतीक रूप में छड़ी लगाकर उत्सव की शुरुआत की जाती है।

स्थानीय मान्यता है कि इस छड़ी की मार को आशीर्वाद माना जाता है। जो व्यक्ति इसे सह लेता है, उसे पूरे साल बीमारियां नहीं सतातीं।

रंग पंचमी पर होती है ‘डंगाही होली’

यह आयोजन रंग पंचमी के दिन होता है, जिसे यहां “डंगाही होली” कहा जाता है। गांव जिला मुख्यालय से लगभग 40–45 किलोमीटर दूर स्थित है और इस दिन यहां भारी उत्साह देखने को मिलता है।

पूजा के बाद बैगा द्वारा सिद्ध की गई छड़ियां कुंवारी कन्याओं को दी जाती हैं। मंदिर के बाहर खड़ी कन्याओं की टोली वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति पर छड़ियां बरसाती है।

खास बांस से बनती हैं पवित्र छड़ियां

ग्रामीणों के अनुसार, छड़ियों के लिए विशेष बांस मड़वारानी जंगल से लाया जाता है। वही बांस चुना जाता है जो एक ही कुल्हाड़ी के वार में कट जाए — इसे शुभ संकेत माना जाता है। बाद में इन्हें मां भवानी के सामने अभिमंत्रित कर बैगा से सिद्ध कराया जाता है।

मार भी आशीर्वाद, विरोध नहीं

इस उत्सव में गांव के लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आए रिश्तेदार और राहगीर भी शामिल होते हैं। लोग खुद रुककर छड़ियों की मार स्वीकार करते हैं और इसे माता का प्रसाद मानते हैं।

गांव की मुन्नी बताती हैं कि पूजा के बाद जैसे ही कन्याओं को छड़ियां मिलती हैं, पूरा माहौल उत्सव में बदल जाता है। बच्चे हों या बड़े — सभी इसे श्रद्धा और खुशी के साथ स्वीकार करते हैं।

खेत में मिली लाश का सच आया सामने: हवस पूरी न होने पर युवक बना कातिल, पढ़े पूरी खबर

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 दुर्ग : कुम्हारी में मिले अज्ञात महिला के शव के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद खुलासा कर दिया है। मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने दुष्कर्म की कोशिश के दौरान विरोध करने पर महिला की गला दबाकर हत्या करना कबूल किया है।


पुलिस के अनुसार 17 जनवरी 2026 को केवल्य धाम के पीछे परसदा खार स्थित एक खेत में अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थाना कुम्हारी पुलिस मौके पर पहुंची, मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई करते हुए साक्ष्य एकत्र किए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद अपराध क्रमांक 58/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच विशेष जांच टीमें गठित कीं। महिला की पहचान और आरोपी की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने किए बड़े स्तर पर प्रयास

  • 1000 से अधिक लोगों से पूछताछ
  • 100 घंटे से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच
  • लाखों कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का तकनीकी विश्लेषण
  • जिला व अंतरजिला गुमशुदगी रिकॉर्ड का मिलान
  • जांच टीमें रोज सुबह 5 बजे से देर रात तक फील्ड वेरिफिकेशन और तकनीकी जांच में जुटी रहीं।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर महाराजा देवार उर्फ राजा देवार (22 वर्ष), निवासी रामनगर बजरंग चौक वार्ड क्रमांक 07, कुम्हारी जिला दुर्ग को 28 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने महिला को बहला-फुसलाकर खेत में ले जाने, दुष्कर्म की कोशिश करने और विरोध करने पर गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

जब्त सामग्री

पुलिस ने आरोपी से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं —

  • एक चप्पल
  • घटना के दिन पहना हुआ दो बटन टूटा शर्ट
  • घटनास्थल से मिला शर्ट का बटन
  • एक ए-वन पाउच
  • पानी की बोतल

इस ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासे में थाना कुम्हारी पुलिस, एसीसीयू टीम, साइबर सेल और समस्त स्टाफ की समन्वित भूमिका रही। पांच विशेष टीमों द्वारा किए गए व्यापक फील्ड वर्क और तकनीकी जांच को सराहनीय बताया गया है।

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