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चरौदा में सीआरपीएफ ने चलाया स्वच्छता अभियान, दिया स्वच्छता का संदेश

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आरंग- गुरुवार को डीआईजी उदयभास्कर बिल्ला, ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ रायपुर के दिशा-निर्देश एवं नोडल अधिकारी उप कमांडेंट अजय सिंह के मार्गदर्शन में सीआरपीएफ कैंप भिलाई के जवानों द्वारा शासकीय पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला चरौदा में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया।

अभियान में विद्यालय परिसर, कक्षाओं, खेल मैदान सहित गांव के चौक-चौराहों की साफ-सफाई की गई। इसमें ग्राम के सरपंच,पंच, शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्कूली बच्चे, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक सहित युवाओं व ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इस अवसर पर असिस्टेंट कमांडेंट भरत भोई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता हमारे आचरण में शामिल होना चाहिए। हम सबकी सहभागिता से ही स्वच्छ भारत मिशन सफल होगा। इस दौरान बच्चों को अपने घर, विद्यालय और गांव को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई गई।

सरपंच देवशरण धीवर ने अभियान को सफल बनाने में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक महेन्द्र पटेल ने किया।

स्वच्छता अभियान में प्रमुख रूप से सरपंच देवशरण धीवर, पंच प्रेमलाल साहू, कन्हैया धीवर, अमित साहू,दीपक फरिकार, संतोष कोसरिया, प्रधान पाठक गुरूचंद पारधी, शिक्षिका सत्यभामा ध्रुव, भुनेश्वरी चंद्राकर, मनीषा चंद्राकर, रोजगार सहायिका उमा साहू सहित बड़ी संख्या में युवा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई।

एशियन गेम्स 2026: भारत का अभियान जारी, एथलेटिक्स, रोइंग और शूटिंग में आज कड़ा मुकाबला

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नई दिल्ली- जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार, 24 सितंबर को भारत की नजरें कई खेलों में पदक मुकाबलों और अगले दौर में जगह बनाने पर हैं। रोइंग, शूटिंग और एथलेटिक्स के साथ-साथ अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान पर उतर रहे हैं।

रोइंग में कई भारतीय खिलाड़ी मैदान में

दिन की शुरुआत रोइंग स्पर्धाओं से हुई। पुरुष सिंगल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार ने हिस्सा लिया, जबकि पुरुष डबल स्कल्स फाइनल में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी उतरी। इसके अलावा भारतीय दल की अन्य रोइंग टीमें भी अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

ताजा अपडेट के अनुसार सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष डबल स्कल्स में कांस्य पदक हासिल किया, जबकि बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स में चौथे स्थान पर रहे।

शूटिंग में भी भारतीय निशानेबाजों पर नजर

शूटिंग में भारत की ओर से पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में केदारलिंग बी. उचागानवे, आकाश भारद्वाज और कमलजीत ने हिस्सा लिया। इसके अलावा मिक्स्ड टीम स्कीट में अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी भी भारतीय चुनौती पेश कर रही है।

10 मीटर एयर पिस्टल में भारतीय टीम ने टीम फाइनल के लिए चुनौती पेश की, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धा में शीर्ष खिलाड़ियों की नजर फाइनल में जगह बनाने पर रही।

एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों की एंट्री

एथलेटिक्स में भारत की ओर से महिलाओं की हेप्टाथलॉन स्पर्धा में अनामिका और पूजा प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इसके अलावा भारतीय टीम मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में भी मैदान पर उतरी।

एथलेटिक्स के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह दिन महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई स्पर्धाओं में क्वालीफिकेशन और फाइनल की दिशा में प्रदर्शन अहम रहेगा।

भारत की पदक उम्मीदें बरकरार

एशियन गेम्स के इस चरण में भारत की नजरें रोइंग, शूटिंग और एथलेटिक्स के अलावा वुशू, कैनो स्प्रिंट, तैराकी, हॉकी, कबड्डी और अन्य खेलों पर भी हैं। 24 सितंबर को भारतीय दल के लिए कई पदक मुकाबले और महत्वपूर्ण क्वालीफिकेशन मुकाबले निर्धारित हैं।

दिन के शुरुआती मुकाबलों में भारत को रोइंग में एक कांस्य पदक मिल चुका है। वुशू में रोशिबिना देवी ने भी रजत पदक जीता है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 24 सितंबर के शुरुआती अपडेट तक भारत की कुल पदक संख्या 14 तक पहुंच गई थी।

आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और दिनभर उनके नतीजों पर देशभर की नजर रहेगी।

हाईवे पर सनरूफ और चारों दरवाजे खोलकर स्टंट, वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने दर्ज किया केस

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बलरामपुर/अंबिकापुर- राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती कार से खतरनाक स्टंट करना वाहन चालक को भारी पड़ गया। कार के सनरूफ और चारों दरवाजे खोलकर स्टंटबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


चलती कार में खुले थे चारों दरवाजे और सनरूफ

जानकारी के मुताबिक घटना 19 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। बलरामपुर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 पर नगर सेना तिराहा (सेमली) के पास एक XUV में चालक अपने चार अन्य साथियों के साथ खतरनाक तरीके से वाहन चलाता दिखाई दिया।

वीडियो में कार के चारों दरवाजे और सनरूफ खुले नजर आए। वाहन में सवार युवक इस दौरान बाहर निकलकर हुड़दंग करते दिखाई दिए। हाईवे पर इस तरह की स्टंटबाजी से वाहन में बैठे लोगों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए वाहन और चालक की पहचान की। इसके बाद बलरामपुर पुलिस ने संबंधित चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने वाहन चालक सुनील गुप्ता, निवासी ग्राम अधौरा, थाना बलरामपुर, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 194(B)(1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

पुलिस ने दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

पुलिस की कार्रवाई से स्पष्ट है कि सार्वजनिक सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात नियमों की अनदेखी कर स्टंट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल करने की कोशिश में सड़क पर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना गंभीर मामला है।

रायगढ़ में बस और ट्रक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत, 20 से 30 यात्री घायल; चालक की हालत गंभीर

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रायगढ़- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के कोयलार में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे यात्री बस और ट्रक के बीच जोरदार आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार कई यात्री घायल हुए हैं। अलग-अलग स्थानीय रिपोर्टों में घायलों की संख्या 10-12 से लेकर 20-30 तक बताई गई है, जबकि बस चालक के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है।

धरमजयगढ़ से खरसिया जा रही थी बस

जानकारी के मुताबिक, यात्री बस धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर जा रही थी। बस में हादसे के समय करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। कोयलार के पास सामने से आ रहे ट्रक से बस की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 

टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी

हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। 

चालक को गंभीर चोट

दुर्घटना में बस चालक को गंभीर चोट लगने की जानकारी है। घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पुलिस और अस्पताल स्तर पर घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

हादसे की वजह की जांच जारी

पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्टों में ट्रक की तेज रफ्तार और लापरवाही की बात कही गई है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

स्थानीय लोगों के अनुसार, कोयलार क्षेत्र में पहले भी सड़क हादसे होते रहे हैं, जिसके चलते सड़क सुरक्षा और वाहनों की रफ्तार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 


छत्तीसगढ़ में अब सैटेलाइट से होगा धान के रकबे का सटीक आकलन, खाद्य विभाग और CGCOST के बीच हुआ MoU

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में धान की खेती के वास्तविक रकबे का अब सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और GIS तकनीक के जरिए सटीक आकलन और सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

सैटेलाइट से होगी खेतों की निगरानी

नई व्यवस्था के तहत भू-अभिलेख, डिजिटल क्रॉप सर्वे और सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों को आपस में मिलाकर यह सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित खेत में वास्तव में धान की फसल मौजूद है या नहीं। जियो-रेफरेंस्ड कृषि भूमि के अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) का सैटेलाइट इमेजरी से मिलान किया जाएगा। इससे धान के वास्तविक रकबे का अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित आकलन करने में मदद मिलेगी।

FRA और डुबान क्षेत्रों की भी होगी डिजिटल मैपिंग

इस पहल में वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत आने वाली तथा डुबान क्षेत्रों की ऐसी कृषि भूमि पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनका जियो-रेफरेंस्ड रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इन क्षेत्रों की GIS आधारित डिजिटल मैपिंग कर पॉलीगॉन लेयर तैयार की जाएगी। इसके बाद सैटेलाइट और रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से वहां धान की खेती वाले क्षेत्रफल का आकलन किया जाएगा। 

किसानों को क्या फायदा होगा?

सटीक और प्रमाणिक फसल डेटा तैयार होने से धान उपार्जन व्यवस्था में डेटा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। खासकर दूरस्थ और ऐसे क्षेत्रों में जहां पारंपरिक रिकॉर्ड के आधार पर फसल सत्यापन में कठिनाई होती है, वहां तकनीक अतिरिक्त आधार उपलब्ध कराएगी। 

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में होगा उपयोग

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तैयार की जाने वाली डिजिटल मैपिंग और भू-स्थानिक डेटा का उपयोग खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान की फसल के वास्तविक रकबे के आकलन में किया जाएगा। इसका उद्देश्य धान उपार्जन से जुड़े निर्णयों के लिए अधिक सटीक और तकनीक आधारित आंकड़े उपलब्ध कराना है। 

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता

MoU के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, खाद्य संचालनालय की संचालक डॉ. फरिहा आलम और CGCOST के संचालक कवीश्वर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। 

सार: अब धान के रकबे के आकलन में सिर्फ पारंपरिक रिकॉर्ड पर निर्भरता के बजाय सैटेलाइट, GIS और डिजिटल क्रॉप सर्वे का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे फसल क्षेत्रफल की पहचान और सत्यापन के लिए एक अतिरिक्त तकनीकी आधार तैयार होगा।

धमतरी में आसमानी आफत: बिजली गिरने से मजदूर की मौत, तीन गंभीर; आंधी में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित

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धमतरी- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार देर शाम तेज बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना नगरी ब्लॉक के फरसियां क्षेत्र की बताई जा रही है। हादसे के बाद घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली

जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले में पिछले कुछ दिनों से शाम के समय बारिश हो रही है। बुधवार शाम भी नगरी क्षेत्र में तेज बारिश के साथ गरज-चमक का दौर चल रहा था। इसी दौरान फरसियां-बोड़रा मुख्य मार्ग के पास आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में वहां मौजूद चार लोग आ गए। 

एक की मौके पर मौत, तीन गंभीर

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से फरसियां निवासी गिरजा शंकर ध्रुव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जितेंद्र सिन्हा, पोषण ध्रुव और भूपेश ध्रुव गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को शासकीय सिविल अस्पताल नगरी पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। 

हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मृतक के परिवार में घटना के बाद मातम का माहौल है।

आंधी में पेड़ गिरने से सड़क पर लगा जाम

तेज बारिश के साथ चली आंधी का असर यातायात पर भी पड़ा। धमतरी-नगरी मुख्य मार्ग पर एक पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहनों की कतार लगने की सूचना है। हालांकि पेड़ गिरने की घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

मौसम खराब होने पर सावधानी की जरूरत

लगातार बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए सावधानी जरूरी है। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।


ममता बनर्जी की ECI के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, TMC के नाम-चुनाव चिन्ह विवाद पर मांगा समयसीमा

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नई दिल्ली- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामला TMC के पार्टी नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह से जुड़ा है। 

क्या है पूरा मामला?

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को TMC के भीतर दो गुटों के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर अंतरिम व्यवस्था की थी। आयोग ने आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। 

ममता बनर्जी ने 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए चुनाव आयोग के इस अंतरिम फैसले को चुनौती दी थी। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने ECI से क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग से पूछा कि TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे मूल विवाद पर अंतिम फैसला लेने में उसे कितना समय लगेगा। अदालत ने आयोग को एक उचित समयसीमा बताने के लिए कहा है और मामले को सोमवार को फिर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। 

अदालत ने यह भी कहा कि विवाद का जल्द निपटारा जरूरी है। पीठ ने पिछले शिवसेना विवाद का उदाहरण देते हुए देरी के प्रभाव का उल्लेख किया। 

उपचुनाव के बीच फैसला बना मुद्दा

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग की अंतरिम व्यवस्था इन उपचुनावों पर लागू है। अदालत ने संकेत दिया कि चुनाव कार्यक्रम जारी हो जाने के बाद मौजूदा उपचुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना आसान नहीं होगा। 

दोनों गुटों को मिले अलग नाम और चिन्ह

अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह दिया गया है। दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ चिन्ह आवंटित किया गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अंतिम फैसला नहीं है; मूल नाम और चिन्ह पर अंतिम निर्णय अलग से होना है।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से विवाद के निपटारे की समयसीमा पर जानकारी मांगी है। अगली सुनवाई में आयोग की ओर से यह बताया जाएगा कि दोनों पक्षों को उचित अवसर देते हुए अंतिम निर्णय लेने में कितना समय लगेगा। इसके बाद अदालत आगे की दिशा तय कर सकती है। 

CEC को लेकर विपक्ष का विरोध तेज, कांग्रेस-TMC-AAP-DMK ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी (AAP), DMK समेत कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने CEC को हटाने, SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने और चुनाव आयोग के कामकाज की जांच की मांग की है।

विवाद की शुरुआत कहां से हुई?

यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—ने पिछले 10 महीनों में SIR समेत कई मामलों में आयोग के फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया तथा मतदाता डेटा से जुड़े कुछ मुद्दों पर मतभेद का उल्लेख किया गया है। 

विपक्ष की प्रमुख मांगें

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, चुनाव आयोग के कामकाज की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने और SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग की है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने CEC को हटाने की मांग की, जबकि TMC और DMK नेताओं ने भी चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों की जांच की मांग उठाई। 

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार सामने आना उसकी आंतरिक विचार-विमर्श प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसलिए विपक्ष द्वारा उठाए गए आरोपों और आयोग के स्पष्टीकरण को अलग-अलग समझना जरूरी है।

संसद में हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार, CEC को हटाने को लेकर विपक्ष पहले भी नोटिस दे चुका है। अप्रैल 2026 में राज्यसभा में एक नया नोटिस दिए जाने की बात सामने आई थी, जो अभी लंबित बताया गया है। CEC को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद के माध्यम से होती है और इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है।

SIR बना राजनीतिक विवाद का केंद्र

मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पूरे विवाद के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर न्यायिक स्तर पर भी कार्यवाही चल रही है।

फिलहाल मामला राजनीतिक और न्यायिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। CEC को हटाने की विपक्ष की मांग और चुनाव आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बीच आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

भारत-अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों की मुलाकात, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून को लेकर भारत ने जताई चिंता

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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क- भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकात हुई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ रूस और ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों, खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की।

रूस पर नए अमेरिकी कानून को लेकर भारत की चिंता

बैठक में जयशंकर ने अमेरिका के नए Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 (SRIA) को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को सामने रखा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे। कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीदने वाले कुछ बड़े देशों के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लगाने की शक्ति अमेरिकी प्रशासन को मिलती है। संभावित टैरिफ 100 प्रतिशत तक हो सकते हैं। 

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कानून में भारत पर स्वतः 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं किया गया है। संभावित कार्रवाई अमेरिकी प्रशासन के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगी।

भारत के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा?

रूस भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में बना हुआ है। अगस्त 2026 में भारत ने रूस से करीब 20.8 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया, जो उस महीने भारत के कुल क्रूड आयात का लगभग 45 प्रतिशत था। ऐसे में रूस से ऊर्जा खरीद पर संभावित अमेरिकी कार्रवाई का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।

भारत लगातार यह रुख रखता आया है कि उसकी ऊर्जा खरीद का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति के स्रोतों में विविधता बनाए रखना है। वहीं अमेरिका रूस की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों और शुल्क संबंधी उपायों पर काम कर रहा है।

खाड़ी और यूक्रेन पर भी हुई चर्चा

जयशंकर ने बैठक के बाद बताया कि दोनों नेताओं के बीच खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति पर भी बातचीत हुई। रुबियो ने अपनी ओर से भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और प्रमुख क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर दोनों देशों के समन्वय की बात कही। 

आगे की राह पर नजर

भारत और अमेरिका के बीच रूस से तेल खरीद तथा संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों का मुद्दा आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल दोनों देशों के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है और भारत पर किसी नए अमेरिकी टैरिफ के अंतिम प्रभाव का आकलन अमेरिकी प्रशासन के अगले फैसलों के बाद ही किया जा सकेगा। 

यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत; 20 से अधिक को सुरक्षित बचाया गया

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ग्रेटर नोएडा- उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के करीब 33वें किलोमीटर के पास हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा की ओर जा रही थी। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अनुसार, बस में करीब 35 यात्री सवार थे और 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 

कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को चपेट में लिया

जानकारी के मुताबिक, बस में यात्रा कर रहे कुछ यात्रियों ने जलने की गंध महसूस होने की बात कही थी। यात्रियों के अनुसार, इसके कुछ देर बाद बस में आग तेजी से फैल गई। घना धुआं भरने के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ यात्रियों के बस से कूदकर बचने की भी जानकारी सामने आई है।

AC में खराबी से आग लगने का शुरुआती अनुमान

ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में बस के एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। 

ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

हादसे के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में लिया है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ बस के संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी

अग्निशमन विभाग के अनुसार, राहत एवं बचाव दल जब धुएं के बीच बस के अंदर पहुंचा तो 9 लोगों के शव मिले। उनकी पहचान की प्रक्रिया की जा रही है। हादसे में घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता

उत्तर प्रदेश सरकार ने हादसे पर शोक जताया है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए सहायता की घोषणा की है।

बस की सुरक्षा को लेकर भी सवाल

हादसे के बाद बस की फिटनेस, परमिट और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बस पर परमिट, ओवरस्पीडिंग और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित पुराने चालानों का उल्लेख किया गया है। इन दावों की आधिकारिक जांच से पुष्टि होना अभी बाकी है। 

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आग लगने की अंतिम वजह तथा हादसे में किसी तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्ष के बाद स्पष्ट होगी।


GMADA दफ्तर में ED की 36 घंटे की कार्रवाई, 30 से ज्यादा बैग दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त; AAP का विरोध

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मोहाली- पंजाब के मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की करीब 36 घंटे चली तलाशी और जांच कार्रवाई गुरुवार को समाप्त हो गई। ED की टीम मंगलवार सुबह GMADA कार्यालय पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों से पूछताछ और विभिन्न रिकॉर्ड की जांच की गई। 

जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ED की कार्रवाई कथित भूमि अधिग्रहण, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, बकाया राशि में कथित छूट और निजी रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े लेन-देन की जांच का हिस्सा है। जांच में दिल्ली की Tirupati Infraprojects और उससे जुड़ी कंपनियों के लेन-देन का भी उल्लेख किया गया है। ED की जांच में कथित तौर पर GMADA से संबंधित संपत्तियों और निजी डेवलपर्स के बीच हुए लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। 

ED के अनुसार, जांच में कुछ कंपनियों को GMADA की ओर से देय राशि में कथित वित्तीय राहत और इससे सरकारी खजाने को 100 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित नुकसान के आरोपों की जांच शामिल है। यह आरोप जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। 

30 से ज्यादा बैग दस्तावेज और हार्ड डिस्क ले गई टीम

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 36 घंटे की कार्रवाई के बाद ED टीम गुरुवार सुबह लगभग 11:30 बजे GMADA कार्यालय से बाहर निकली। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि टीम अपने साथ 30 से अधिक बैग में दस्तावेज और स्कैन किए गए रिकॉर्ड की हार्ड डिस्क लेकर गई। अभी तक किसी GMADA अधिकारी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। 

AAP ने किया विरोध

ED की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को GMADA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और ED के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी परिसर के अंदर जाने की कोशिश करने लगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान ED के एक वाहन को नुकसान पहुंचाने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। 

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत AAP नेताओं ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। यह AAP का आरोप है; ED की कार्रवाई को लेकर एजेंसी की जांच और उसके कानूनी आधार को अलग से देखा जाना जरूरी है। 

पंजाब सरकार पहुंची हाई कोर्ट

ED की लंबी कार्रवाई के बीच पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक वारंट अधिकारी नियुक्त किया और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। अदालत की यह कार्रवाई इस मामले में कानूनी निगरानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अब आगे क्या?

ED की टीम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड अपने साथ ले गई है। रिपोर्टों के अनुसार, जब्त सामग्री की जांच के बाद संबंधित अधिकारियों और अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। फिलहाल किसी GMADA अधिकारी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

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लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव

लमना में दिखी संस्कृति और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में अब पर्यटक केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांवों की मिट्टी की खुशबू, स्थानीय खान-पान, परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलती पर्यटन तस्वीर की जीवंत मिसाल है।

ब्रिटेन से आए फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर तथा ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया।

लमना विलेज स्टे में अतिथियों का  अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए ‘विलेज वॉक’ कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया, स्थानीय जीवनशैली को समझा और गांव के सहज वातावरण का आनंद लिया।  अतिथियों ने ग्रामीण परिवारों, बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद भी किया। 

ग्रामीण हाट बना खास आकर्षण

लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट का भ्रमण विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हाट में उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने अतिथियों को भारतीय गांव के वास्तविक जीवन का अनुभव कराया।  

ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव

लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को नजदीक से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को एक अलग तरह का अनुभव दिया।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्याय

छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर विस्तार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को जोड़ने वाले पर्यटन मॉडल को महत्व मिल रहा है। 

प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित अनेक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल शामिल हैं।  लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र पर्यटकों को  प्रकृति और स्थानीय जीवन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बस्तर से लमना तक—छत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती तस्वीर

पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। 

लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने किसी पर्यटन स्थल को दूर से देखने के बजाय गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया।

विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन

लमना प्रवास के दौरान फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए।  वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीयता से मिले । 

विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं अब नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। 

लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है। छत्तीसगढ़ की यही सहज, आत्मीय और जीवंत पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

बैगलेस डे योजना प्रभावी नहीं, अभिभावकों में बढ़ रही नाराजगी

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स्कूलों में गतिविधियों के बजाय छुट्टी या सामान्य दिनचर्या, उद्देश्य पर उठ रहे सवाल

महासमुंद- स्कूलों में बच्चों के तनाव को कम करने और उन्हें किताबी पढ़ाई के साथ रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से लागू की गई बैगलेस डे योजना जिले के कई स्कूलों में प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती दिखाई नहीं दे रही है। अभिभावकों का कहना है कि योजना के तहत होने वाली गतिविधियों और उसके सकारात्मक प्रभाव का उन्हें अपेक्षित रूप से अनुभव नहीं हो रहा है।

अभिभावकों के अनुसार, कई निजी स्कूलों में बैगलेस डे के नाम पर न तो पर्याप्त शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं और न ही सांस्कृतिक अथवा रचनात्मक कार्यक्रम। कुछ स्कूलों में इस दिन बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी जाती है। इससे अभिभावकों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई से अलग कर रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ना है, तो उसका धरातल पर सही क्रियान्वयन क्यों नहीं हो रहा है।

चेतना विकास मूल्य शिक्षा संचालित अभिभावक विद्यालय कोकड़ी के शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने इस संबंध में कहा कि बैगलेस डे की अवधारणा अच्छी है, लेकिन सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में इसके वास्तविक उद्देश्य को पूरी तरह समझने और लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूलों में इस दिन न तो बैगलेस डे से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम और गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही बच्चों को नियमित पढ़ाई कराई जाती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी स्कूलों में वीएसके एप के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी बढ़ी है। ऐसे में शनिवार को निजी स्कूलों में पढ़ने वाले कुछ बच्चे भी पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों की ओर भेजे जाने की स्थिति बन रही है।

गेंदलाल कोकडिया का सुझाव है कि बैगलेस डे को केवल पढ़ाई से अलग रखने के बजाय पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक, खेलकूद और व्यावहारिक गतिविधियों को जोड़कर आयोजित किया जाना चाहिए। इससे बच्चों की नियमित पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी और बैगलेस डे का उद्देश्य भी पूरा किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि यदि बैगलेस डे की गतिविधियां स्कूलों में प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं, तो शासन को इसकी समीक्षा करनी चाहिए। आवश्यकता होने पर उस दिन भी नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए ज

छत्तीसगढ़ BJP में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, कर्मवीर सिंह बने प्रदेश संगठन महामंत्री; पवन साय को झारखंड की जिम्मेदारी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। वहीं, अब तक इस जिम्मेदारी को संभाल रहे पवन साय को झारखंड का प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। उनका केंद्र रांची रहेगा।


भाजपा ने इसके साथ ही कई राज्यों में प्रदेश संगठन महामंत्रियों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र में अजय जामवाल को प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।


कर्मवीर सिंह के पास लंबा संगठनात्मक अनुभव

छत्तीसगढ़ के नए प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लंबे समय तक प्रचारक रहे हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा क्षेत्र से जुड़े कर्मवीर सिंह ने वर्ष 1993 में संघ के प्रचारक जीवन की शुरुआत की थी।


उन्होंने तहसील प्रचारक और नगर प्रचारक के रूप में काम किया। इसके बाद फतेहपुर सीकरी (आगरा), अलीगढ़ महानगर और मथुरा जिले में प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली। वे एटा, अलीगढ़ और बरेली विभाग के विभाग प्रचारक भी रहे।


वर्ष 2015 में कर्मवीर सिंह मेरठ प्रांत के सह-प्रांत प्रचारक बने। इसके बाद 2019 में उन्होंने ब्रज प्रांत के सह-प्रांत प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

2020 में भाजपा संगठन से जुड़े

कर्मवीर सिंह ने वर्ष 2020 में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश सह-महामंत्री (संगठन) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अगस्त 2022 से वे झारखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के पद पर कार्यरत थे। नियुक्ति से एक दिन पहले 23 सितंबर को भी झारखंड के लातेहार में उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा की थी।

अब छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी मिलने के बाद कर्मवीर सिंह के सामने प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की जिम्मेदारी होगी।

कई राज्यों में बदला संगठन का ढांचा

भाजपा ने 24 सितंबर को संगठन में व्यापक बदलाव करते हुए कई नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह-महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दिए जाने की भी रिपोर्ट है। वहीं, विभिन्न राज्यों में संगठन महामंत्री और संयुक्त संगठन महामंत्रियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है।

सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

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 लक्ष्मी राजवाड़े- मंत्री, महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़ शासन

रायपुर : विकास का अर्थ केवल नई सुविधाओं और अधोसंरचना का विस्तार नहीं है। विकास तब सार्थक होता है, जब एक महिला अपने भविष्य के निर्णय आत्मविश्वास से ले सके, एक मां को अपने बच्चे के स्वास्थ्य की चिंता में सहयोग मिले और हर बच्चे को पोषण, शिक्षा तथा सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी मानवीय सोच को जनभागीदारी के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का अवसर है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य है कि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उन परिवारों तक भी पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

’महिलाओं का आत्मविश्वास ही समाज की शक्ति’

छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती रही हैं। आज वे अपनी मेहनत और प्रतिभा से उद्यमिता तथा सामाजिक नेतृत्व में भी नई पहचान बना रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने अनेक महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और परिवार के खर्च से जुड़े निर्णय लेने में संबल दिया है। किसी ने इस राशि से बचत शुरू की है, तो किसी ने इसे छोटे आजीविका प्रयासों का आधार बनाया है।

स्व-सहायता समूहों के माध्यम से भी महिलाएं बचत, कौशल और उद्यम से जुड़ रही हैं। हमारा प्रयास है कि उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी मिलें। जब महिला आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेती है, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार के जीवन पर पड़ता है।

’आँगनवाड़ी से जुड़ें परिवार और समुदाय’

एक स्वस्थ और सक्षम समाज की नींव बचपन में पड़ती है। आँगनवाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को आवश्यक जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों के साथ परिवार और समुदाय का सहयोग भी जरूरी है। ‘हमारी आँगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ इसी साझा दायित्व की भावना को व्यक्त करता है।

25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला ‘आँगन मिलन’’ इस भागीदारी को और मजबूत करेगा। इस दौरान अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आँगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जुड़ने, बच्चों के भोजन और स्वच्छता की व्यवस्था को समझने तथा पोषण पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। घर में बच्चों को क्या खिलाया जाए, भोजन में विविधता कैसे लाई जाए और स्वच्छता की अच्छी आदतें कैसे विकसित हों-इन विषयों पर संवाद पोषण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाएगा।

पोषण केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। बच्चे को उम्र के अनुसार पर्याप्त और विविध आहार मिले, उसकी वृद्धि पर ध्यान दिया जाए और परिवार उसकी देखभाल में सक्रिय रहे-यह हम सबकी जिम्मेदारी है। ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ का संदेश इसी सोच को हर घर तक ले जाने का आह्वान है।

’सुरक्षित बचपन के लिए साझा संकल्प’

हर बच्चे को भय और शोषण से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों का सामना केवल कानून के भरोसे नहीं किया जा सकता। परिवार, विद्यालय, पंचायत, आँगनवाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहना होगा। बच्चों की बात सुनना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आवश्यकता पड़ने पर समय से सहायता पहुंचाना सुरक्षित बचपन की दिशा में आवश्यक कदम हैं।

सेवा संकल्प अभियान हमें याद दिलाता है कि सेवा का वास्तविक अर्थ लोगों तक पहुंचना और उनकी जरूरतों को समझना है। किसी मां को पोषण संबंधी सही जानकारी मिलना, किसी महिला को आजीविका का अवसर मिलना और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना-यही इस अभियान की सार्थक उपलब्धियां होंगी। आइए, ‘आँगन मिलन’ से शुरू होने वाले संवाद और सहभागिता को निरंतर बनाए रखें। जब परिवार, समुदाय और शासन साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित, सुरक्षित बचपन के संकल्प से विकसित छत्तीसगढ़ का आधार मजबूत होगा।

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