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शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

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हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, शिक्षा ही समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत नींव है — राजेश अग्रवाल

रायपुर- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, उदयपुर में आयोजित विकासखंड स्तरीय 'शाला प्रवेश उत्सव' में सहभागिता कर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मिठाई खिलाकर नवीन शैक्षणिक जीवन की शुभ शुरुआत कराई तथा अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं की।

इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि "हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संस्कारित समाज के निर्माण की आधारशिला है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारते हुए अपने सपनों को साकार कर सके।"

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, नियमित विद्यालय आने तथा जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकगण को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी लंबे इको ट्रेल का किया शुभारंभ

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पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

51 काला आम के पौधों का हुआ रोपण, 50 हजार सीड बॉल और एक लाख पौधों के वितरण अभियान की हुई शुरुआत

बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट का किया वितरण

हर शनिवार और रविवार होगी इको ट्रेल, नेचर गाइड के साथ सुरक्षित वन भ्रमण की सुविधा

रायपुर- कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और इको-टूरिज्म को नई पहचान देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज जंगल सफारी में वन महोत्सव और भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल का भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक वन यात्रा का अनुभव लिया। प्राकृतिक पर्यावरण में की जाने वाली एक जिम्मेदार यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना वहां के प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों का संरक्षण करना, और स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से लाभ पहुँचाना है।

भोरमदेव क्षेत्र अनमोल प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव अभ्यारण्य में जंगल सफारी शुरू होने के बाद पर्यटक अब जंगल के अंदर जाकर प्रकृति का करीब से आनंद ले रहे हैं। अब आज से शुरू हुई भोरमदेव इको ट्रेल भी पर्यटकों को घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों के बीच एक नया और यादगार अनुभव देगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने भोरमदेव क्षेत्र को अनमोल प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला और सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। भोरमदेव में पर्यटन सुविधाओं के बढ़ने से यहां अधिक पर्यटक आएंगे। इससे होटल, वाहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी 

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। अभी भी कई युवा जंगल सफारी में नेचर गाइड बनकर पर्यटकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे अवसर और बढ़ेंगे, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि साल भर यहां पर्यटन गतिविधियां तेजी से चलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। शर्मा ने कहा कि भोरमदेव का विकास तभी सफल होगा, जब स्थानीय लोग इसे अपनी धरोहर मानकर इसकी सुरक्षा करेंगे। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

स्वदेश दर्शन योजना से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए 146 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस राशि से प्रवेश द्वार, शेड, संग्रहालय, आधुनिक पार्क, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोरमदेव राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

6 किलोमीटर लंबी इको ट्रेल में मिलेगा प्रकृति के बीच रोमांच

वन विभाग द्वारा विकसित भोरमदेव इको ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है। ट्रेल के दौरान पर्यटक प्राकृतिक वन, मनमोहक दृश्य, पक्षियों और तितलियों का अवलोकन, औषधीय वनस्पतियों की जानकारी तथा प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ सुरक्षित वन भ्रमण का आनंद ले सकेंगे।

बैगा समुदाय के हितग्राहियों को किया सोलर लालटेन वितरण

वन महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने करिया आमा ग्राम में 51 काला आम के पौधों का रोपण कर काला आम उपवन की स्थापना की। इसके साथ ही जिलेभर में 50 हजार सीड बॉल रोपण अभियान का शुभारंभ किया। जिले में एक लाख पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत करते हुए ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट भी वितरित की गई। 

भोरमदेव ईको ट्रेल हर शनिवार और रविवार को होगी आयोजित

भोरमदेव ईको ट्रेल का संचालन करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार को किया जाएगा। वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि अनुभवी नेचर गाइड के साथ प्रतिभागियों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान वे पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों, स्थानीय भोजन, भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। ईको ट्रेल में भाग लेने के लिए 1 हजार रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है। 

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर के पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज में 20 एमबीबीएस सीटें बढ़ीं, कुल संख्या हुई 250

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रायपुर- राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (National Medical Commission - NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। यह कॉलेज पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एंड आयुष यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़ से संबद्ध है।

MARB की ओर से 10 जुलाई 2026 को जारी अनुमति पत्र (Letter of Permission) के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज की एमबीबीएस सीटों की संख्या 230 से बढ़ाकर 250कर दी गई है, यानी कुल 20 नई सीटों की बढ़ोतरी हुई है।

स्थापना से अब तक सीटों में वृद्धि का इतिहास

वर्ष 1963 में 60 एमबीबीएस सीटों के साथ स्थापित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय ने समय-समय पर अपनी प्रवेश क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रारंभिक 60 सीटों से बढ़कर यह संख्या 100, वर्ष 2009 में 150, वर्ष 2019 में 180, वर्ष 2023 में 230 तथा अब एनएमसी की नवीनतम स्वीकृति के पश्चात 250 सीटों तक पहुँच गई है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सीटों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और वे अपने ही राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रयासों के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बिहार विधान सभा के 18वें कार्यकाल के सदस्यों के लिए आयोजित अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया

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भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज बिहार के गया स्थित बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बीआईपीएआरडी) में बिहार विधान सभा के 18वें कार्यकाल के सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

बिहार विधान सभा एवं बिहार विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों तथा लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं लोकतंत्र प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) की इस पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए सक्षम बनाते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने गया जी में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने प्रतीकात्मक रूप से “पटना को गया जी तक पहुँचा दिया है।”

वैशाली की प्राचीन गणतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ें भारत में अत्यंत गहरी हैं और इसी कारण भारत को “लोकतंत्र की जननी” कहा जाता है। उन्होंने बिहार को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का “मार्गदर्शक” बताते हुए विधायकों से इसकी गौरवशाली विरासत को बनाए रखने का आह्वान किया। भगवान बुद्ध की इस पावन भूमि से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक ज्ञान इसी में है कि जनप्रतिनिधि शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए चुने जाते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है और विधायकों से आग्रह किया कि वे बिहार को रोजगार एवं विकास का ऐसा केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करें, जहाँ अन्य राज्यों के लोग भी रोजगार के लिए आएँ।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले संपूर्ण क्रांति आंदोलन से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि इसी आंदोलन ने उनके राजनीतिक जीवन की नींव रखी। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन तथा आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष में बिहार की ऐतिहासिक भूमिका को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि चुनाव भले ही राजनीतिक दलों के आधार पर लड़े जाते हों, लेकिन शासन दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव वोटों से जीते जाते हैं, लेकिन जनता का विश्वास और सम्मान केवल निस्वार्थ सेवा से अर्जित होता है, सत्ता से नहीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कानून, प्रत्येक प्रश्न और प्रत्येक बहस असंख्य लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संविधान और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “विधान सभा के भीतर विचार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन संविधान हमारा साझा पथप्रदर्शक होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस लोकतंत्र को मजबूत करती है, जबकि रचनात्मक सहयोग राष्ट्र को आगे बढ़ाता है। प्रश्नकाल, शून्यकाल और कार्य मंत्रणा समिति के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने सदस्यों से विधानमंडल की कार्यवाही को सुचारु और उत्पादक बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये संसदीय व्यवस्थाएँ जनप्रतिनिधियों को दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।

निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल देते हुए राधाकृष्णन ने विधायकों से सदन की कार्यवाही में भाग लेने से पहले पर्याप्त तैयारी करने तथा विधायी प्रक्रियाओं, समिति प्रणाली और संसदीय परंपराओं की गहन समझ विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) और राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (NeVA) जैसी डिजिटल विधायी पहलों को अपनाने का भी आह्वान किया, ताकि विधायी कार्य अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन सके।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति धैर्य और निरंतर प्रयास की मांग करती है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय उनका पहला कार्यकाल केवल सात दिनों का रहा, लेकिन बाद में वे बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने राजनीति की तुलना टेस्ट क्रिकेट से करते हुए कहा कि सफलता धैर्य, दृढ़ता और सही अवसरों का चयन करने से मिलती है।

अपने संबोधन के समापन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक विचारपूर्ण हस्तक्षेप किसी नीति को बदल सकता है, एक प्रभावी कानून कई पीढ़ियों का भविष्य संवार सकता है और एक संवेदनशील निर्णय असंख्य नागरिकों के जीवन में नई आशा जगा सकता है। उन्होंने कहा, “नेतृत्व का वास्तविक मूल्यांकन सदन के भीतर मिलने वाली तालियों से नहीं, बल्कि सदन के बाहर जनता के मन में उत्पन्न होने वाले विश्वास से होता है।” उन्होंने बिहार विधान सभा के 18वें कार्यकाल के सभी सदस्यों को सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रभावी विधायी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, बिहार विधानमंडल के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

भारतीय पर्यटकों की नाव पलटी: 15 की मौत की खबर, कई घायल

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 नई दिल्ली/हनोई। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक पर्यटक नाव पलट गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।


स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में 15 लोगों की मौत होने की खबर है। हालांकि, मृतकों में कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त नाव में 24 भारतीय पर्यटक सवार थे। एक पर्यटक श्रीनिवास के अनुसार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों के 105 पर्यटक वियतनाम भ्रमण पर गए थे। इनमें से 24 लोग इस नाव में सवार थे। बताया गया है कि नाव में आंध्र प्रदेश के पांच और तमिलनाडु के 17 पर्यटक थे। आंध्र प्रदेश के दो पर्यटक सुरक्षित बताए गए हैं, जबकि तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तमिलनाडु के भी कई घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा कि फु क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव के पलटने की दुखद घटना हुई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव अभियान जारी है और घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

दूतावास ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। प्रभावित परिवार जानकारी के लिए +84-362817930, +84-915523714 और +84-334520414 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं, हनोई स्थित कंट्रोल रूम के लिए +84-913089165 नंबर जारी किया गया है।

अबूझमाड़ का नया सवेरा: डोंडरीबेड़ा से कटेर की सड़क ने मिटाया दशकों का सन्नाटा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) अंचल में हुए एक विशिष्ट सड़क विकास से दशकों तक कटा रहा l दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों (जैसे डोंडरबेड़ा और कटेर) को मुख्य मार्गों से जोड़कर आवागमन की बाधाओं, पलायन और सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के अंधकार को मिटा रही है।


ये पक्की सड़कें न केवल दशकों का सन्नाटा तोड़ती हैं, बल्कि सुदूर इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, और बाज़ार तक पहुंच जैसे मौलिक लाभ भी पहुंचाती हैं।

गहरे जंगलों से घिरा अबूझमाड़... एक ऐसा अंचल, जिसका नाम सुनते ही कभी जेहन में दुर्गम रास्ते, कटी हुई जिंदगी और विकास की अंतहीन प्रतीक्षा की तस्वीर उभरती थी। लेकिन आज इस अबूझमाड़ की फिजा बदल रही है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत नारायणपुर जिले के अतिदुर्गम इलाके में बनी एक नई सड़क ने यहाँ के ग्रामीणों के जीवन में खुशियों का एक नया अध्याय लिख दिया है।

​डोंडरीबेड़ा कैंप से कटेर तक बनी 8.75 किलोमीटर लंबी यह सड़क सिर्फ डामर की पट्टी नहीं है, बल्कि दशकों से मुख्यधारा से कटे जनजातीय गांवों के लिए उम्मीद और भरोसे की एक मजबूत डोर है।

​पगडंडियों का दर्द और बारिश का वो खौफ

​कुछ समय पहले तक, इस इलाके के गांवों तक पहुँचने का एकमात्र जरिया संकरी और पथरीली पगडंडियां थीं। मानसून के आते ही ये रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते थे, जिससे ग्रामीण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर थे। बच्चों को स्कूल जाने के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता था।एम्बुलेंस का गाँवों तक आना नामुमकिन था। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर अस्पताल न पहुँच पाने के कारण गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती थी। ग्रामीण अपनी कड़ी मेहनत से उगाई गई कृषि और वनोपज को हाट-बाजारों तक नहीं ले जा पाते थे, जिससे उन्हें उनके हक़ की सही कीमत नहीं मिलती थी।

​856.19 लाख रुपए की लागत से बदला भूगोल

​प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और 'पीएम-जनमन' योजना की ताकत से 856.19 लाख रुपये की भारी लागत के साथ इस दुर्गम चुनौती को पार किया गया। डोंडरीबेड़ा कैंप से कटेर तक की इस चमचमाती सड़क ने अब इन गांवों की किस्मत बदल दी है। ​पहली बार गाँव की चौखट तक पहुँची एम्बुलेंस और विकास।​सड़क बनने से पूरे अंचल की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर में जादुई बदलाव आया है।

सुगम यातायात से शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं का हुआ विस्तार

​ अब 108 एम्बुलेंस, शासकीय वाहन और प्रशासनिक टीमें सीधे ग्रामीणों के घर तक पहुँच रही हैं। रास्तों की सुगमता से अब शिक्षक और विद्यार्थी दोनों नियमित रूप से स्कूल पहुँच रहे हैं, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। स्थानीय किसान अब अपनी उपज को सीधे और आसानी से बड़े बाजारों तक पहुँचा पा रहे हैं। बिचौलियों का खेल खत्म हो रहा है और ग्रामीणों की जेब में सीधे पैसा आ रहा है।

​पक्के मकानों का सपना हुआ सच

सड़क बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाने के लिए सीमेंट, छड़ और रेत जैसी निर्माण सामग्रियां बिना किसी बाधा के गाँवों तक पहुँचने लगी हैं। इसके साथ ही बिजली और पेयजल योजनाओं के काम ने भी रफ्तार पकड़ ली है।

​गाँव के बुजुर्गों और युवाओं के चेहरे पर अब एक अलग ही चमक है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहाँ नारायणपुर या नजदीकी बाजार जाने के लिए हमें घंटों पैदल चलना पड़ता था और पूरा दिन बर्बाद हो जाता था, वहीं अब गाड़ियां सीधे हमारे घरों के सामने आकर रुकती हैं। बच्चों की पढ़ाई और इलाज की चिंता अब पूरी तरह खत्म हो गई है। ऐसा लगता है जैसे हमें एक नई जिंदगी मिल गई है।

​मुख्यधारा से जुड़ता अबूझमाड़

​पीएम-जनमन योजना के माध्यम से निर्मित यह सड़क इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि संपर्क (Connectivity) मजबूत हो, तो देश का सबसे दूरस्थ और पिछड़ा क्षेत्र भी सामाजिक और आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। डोंडरीबेड़ा से कटेर तक का यह सफर, अबूझमाड़ के आदिवासियों के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का एक ऐतिहासिक गवाह बन चुका है।

आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की किश्त के साथ योजना के अंतर्गत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का जो व्यापक अभियान चल रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान माताएं और बहनें स्वयं उन्हें बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

अनेक महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, कई ने सिलाई-कढ़ाई एवं स्वरोजगार अपनाया है, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में इसका उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये अनुभव इस योजना की वास्तविक सफलता और उसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव के प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ 'लखपति दीदी' जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी नई मजबूती मिली है।

महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री ने जारी की 29वीं किस्त; 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे ₹626 करोड़

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' के तहत आज प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना की 29वीं किस्त की राशि का सफलतापूर्वक ऑनलाइन अंतरण कर दिया है। 


इस किस्त के माध्यम से प्रदेश की 66 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹626 करोड़ से अधिक की राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी लाभार्थी माताओं और बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय

शासकीय आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के प्रारंभ से लेकर अब तक कुल ₹18,800 करोड़ से अधिक की विशाल राशि सीधे प्रदेश की महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निरंतर सहायता से राज्य की मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तीकरण हो रहा है और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।

आवश्यक कार्यों में हो रहा राशि का सदुपयोग

योजना के प्रभाव की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि इस वित्तीय सहायता का उपयोग प्रदेश की माताएं-बहनें बेहद सकारात्मक कार्यों में कर रही हैं।

  • दैनिक खर्चों में राहत: महिलाएं घर के रोजमर्रा के खर्चों को सुगमता से पूरा कर पा रही हैं।
  • बच्चों की शिक्षा: इस राशि का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और सुनहरे भविष्य पर खर्च हो रहा है।

बचत और निवेश: महिलाएं भविष्य की सुरक्षा के लिए बचत कर रही हैं तथा 'सुकन्या समृद्धि योजना' जैसी महत्वपूर्ण सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में निवेश कर अपना व अपने परिवार का आधार मजबूत कर रही हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश:

"महतारी वंदन योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि हमारी माताओं-बहनों के सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक है। अब तक ₹18,800 करोड़ से अधिक का सीधा लाभ देकर हम अपनी मातृशक्ति को हर स्तर पर सुदृढ़ और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।"

पंजाब कांग्रेस में घमासान: बघेल से बैठक से पहले चन्नी के तेवर सख्त, बोले- 'तेल देखिए और तेल की धार देखिए'

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 चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। संकट दूर करने के लिए पंजाब पहुंचे प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल आज (शनिवार) पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के साथ चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में चन्नी सहित करीब 50 नेता शामिल होने पहुंचे हैं।


हालांकि, इस बैठक से ठीक पहले पूर्व सीएम चन्नी के तेवर काफी तल्ख नजर आए। मीटिंग में जाने से पहले मीडिया से बात करते हुए चन्नी ने बड़े ही आक्रामक अंदाज में कहा, "तेल देखिए और तेल की धार देखिए, फिर बात करेंगे।"

प्रदेश अध्यक्ष को लेकर मचा है बवाल

पंजाब कांग्रेस में यह कलह 1 जुलाई को कांग्रेस आलाकमान द्वारा जारी की गई संगठनात्मक सूची के बाद शुरू हुई। इस सूची में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जबकि पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया। चन्नी गुट ने इस सूची पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राजा वडिंग के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि चन्नी को ही प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जाए।

नीति आयोग ने ‘शांति अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन पर हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की

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नीति आयोग ने 10 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के समरसता ऑडिटोरियम में ‘शांति अधिनियम, 2025’ (SHANTI Act, 2025) के कार्यान्वयन पर एक हितधारक परामर्श (Stakeholder Consultation) आयोजित किया। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के प्रमुख नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिचालन ढांचे (Operational Framework) पर विचार-विमर्श किया।

बैठक की अध्यक्षता प्रो. अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग ने की। इस अवसर पर पंकज अग्रवाल (सचिव, विद्युत मंत्रालय), घनश्याम प्रसाद (अध्यक्ष, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण), गुरदीप सिंह (सीएमडी, एनटीपीसी लिमिटेड), डॉ. अंशु भारद्वाज (कार्यक्रम निदेशक, नीति आयोग), राजनाथ राम (सलाहकार, नीति आयोग), डॉ. गरिमा शर्मा (प्रमुख, एसएसएसडी, परमाणु ऊर्जा विभाग) तथा  हरि कुमार (विशिष्ट वैज्ञानिक एवं निदेशक, परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

तकनीकी चर्चाओं को अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए तीन प्रमुख स्तंभों में विभाजित किया गया:

1. विधायी एवं नियामकीय ढांचा (Legislative & Regulatory Framework):

इस सत्र में शांति अधिनियम, 2025 के मसौदा नियमों, विनियमों तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से संबंधित प्रावधानों पर चर्चा हुई। साथ ही अधिनियम के तहत वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) की रूपरेखा प्रस्तुत की गई और इस बात पर विचार किया गया कि घरेलू हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विदेशी निवेश को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।

2. वित्त, बीमा एवं जनधारणा (Finance, Insurance & Public Perception):

हितधारकों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय तंत्र तथा जोखिम-प्रबंधन व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया। दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्था, जन-जागरूकता बढ़ाने, स्थानीय समुदायों का विश्वास मजबूत करने तथा परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति व्यापक जन-स्वीकृति विकसित करने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।

3. विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता निर्माण (Manufacturing, Operations & Capacity Building):

इस सत्र में अधिनियम के क्रियान्वयन चरण पर विशेष ध्यान दिया गया। घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने, परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करने, कुशल मानव संसाधन विकसित करने, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा उद्योग के विस्तार के लिए विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम तैयार करने पर विचार किया गया।

बैठक के दौरान हितधारकों ने इन तीनों प्रमुख विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार साझा किए। इन सुझावों से ‘शांति अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन ढांचे को और अधिक प्रभावी, मजबूत एवं व्यावहारिक बनाने में सहायता मिलेगी।

सनक: एकतरफा प्यार में फार्मेसी छात्रा की चाकू मारकर हत्या, आरोपी फरार

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 भिलाई। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के रामनगर में शुक्रवार दोपहर एकतरफा प्रेम की सनक में एक युवक ने फार्मेसी छात्रा की उसके किराए के कमरे में बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मर्ग कायम कर आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।


एक महीने से कर रहा था परेशान

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिंटू साहू पिछले करीब एक महीने से अलग-अलग मोबाइल नंबरों से मृतका खुशी साहू (19 वर्ष) को लगातार फोन कर परेशान कर रहा था। मृतका ने परेशान होकर उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे आरोपी ने खुशी को दो बार फोन किया, लेकिन नंबर ब्लॉक होने के कारण बात नहीं हो सकी। इसके बाद सुबह 11:10 बजे उसने खुशी की सहेली को कॉल किया। सहेली द्वारा खुशी के पास मोबाइल न होने की बात कहने पर आरोपी बाइक से सीधे उसके कमरे पर पहुंच गया।

सहेली के नहाने जाने पर दिया वारदात को अंजाम

घटना के वक्त खुशी की सहेली बाथरूम में थी। इसी बीच कमरे में दाखिल हुए आरोपी ने पहले खुशी का गला दबाया, जिससे वह बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसकी पीठ, हाथ और पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ 10 वार किए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण खुशी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत

सहेली जब बाहर आई, तो उसने खुशी को खून से लथपथ हालत में पाया। उसने तत्काल मकान मालिक और पास के एक कैफे संचालक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामले की सूचना डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतका को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

ट्रंप का ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम: कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोलें, वरना भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

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 वॉशिंगटन/मस्कट: अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम देते हुए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) को सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने की मांग की है। 


अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने सार्वजनिक रूप से व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने की प्रतिबद्धता नहीं जताई, तो उसे गंभीर सैन्य व आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे।

'कल तक घोषणा नहीं की, तो दिन अच्छा नहीं होगा'

'एक्सियोस' (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, वाइट हाउस ने यह कड़ा संदेश ईरान को सीधे और क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से भेजा है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "अगर कल तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने की ईरान की आधिकारिक घोषणा नहीं आती है, तो उसके लिए आने वाला दिन अच्छा नहीं होगा।"

अमेरिका की प्रमुख मांगें

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी हैं:

  • सार्वजनिक घोषणा: ईरान आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार करे कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाज पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

  • पुरानी कार्रवाई पर खेद: वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान यह स्वीकार करे कि उसके द्वारा जहाजों पर की गई पिछली कार्रवाइयां गलत थीं।

  • कोई अवैध शुल्क नहीं: समुद्री व्यापार मार्गों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त या अवैध शुल्क (टोल टैक्स) न लगाया जाए।

समझौते के उल्लंघन का आरोप

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने पिछले महीने हुए 'समझौता ज्ञापन' (MoU) का सीधे तौर पर उल्लंघन किया है। ईरान द्वारा कारोबारी जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद ही अमेरिका को दो बार जवाबी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी थी।

ओमान में आज अहम बैठक पर नजरें

इस बीच, संकट के समाधान के लिए आज शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरानी और ओमानी अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन को उम्मीद है कि ओमान के मध्यस्थता प्रयासों के बाद ईरान नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) बनाए रखने पर सहमत हो जाएगा। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य एजेंडा समुद्री सुरक्षा ही है।

क्यों महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग को आंशिक रूप से बाधित कर दिया था, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है।

एसईसीएल की प्रमुख सीएसआर योजना 'एसईसीएल के सुश्रुत' को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया

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कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्थित कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना 'एसईसीएल के सुश्रुत' भारत के किसी भी कोल पीएसयू की पहली सीएसआर योजना बन गई है, जिसे भारत के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचित किया गया है।

कोयला मंत्रालय ने आधार (लक्षित वितरण वित्तीय एवं अन्य सब्सिडी, लाभ एवं सेवाएं) अधिनियम, 2016 तथा आधार प्रमाणीकरण (सुशासन, सामाजिक कल्याण, नवाचार एवं ज्ञान) नियम, 2020 के तहत इस योजना के लाभार्थियों के लिए आधार प्रमाणीकरण की अनुमति प्रदान करते हुए राजपत्र अधिसूचना जारी की है।

इस अधिसूचना के माध्यम से लाभार्थियों को स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण के जरिए पारदर्शी, प्रभावी और लक्षित तरीके से लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, जो लाभार्थी आधार का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके लिए सरकार द्वारा अनुमोदित वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों की भी व्यवस्था की गई है।

वर्ष 2023 में शुरू की गई 'एसईसीएल के सुश्रुत' योजना, एसईसीएल की प्रमुख सीएसआर पहल है। इसके तहत कंपनी के परिचालन क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को नीट (NEET) की निःशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपना करियर बना सकें।

इस योजना ने लगातार उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं।

पहला बैच (2023–24):

  • 40 में से 39 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की।

  • 11 विद्यार्थियों को एमबीबीएस (MBBS) में प्रवेश मिला।

  • 2-2 विद्यार्थियों को बीडीएस (BDS), बीएएमएस (BAMS) तथा बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPTH) में प्रवेश प्राप्त हुआ।

  • 2 विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में वेटरनरी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त किया।

दूसरा बैच (2024–25):

  • 40 में से 31 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की।

  • विद्यार्थियों को एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस तथा बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस (B.F.Sc.) जैसे पाठ्यक्रमों में सरकारी संस्थानों में प्रवेश मिला।

यह राजपत्र अधिसूचना 'एसईसीएल के सुश्रुत' योजना के विकास में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे योजना की संस्थागत व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा लाभार्थियों के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित होगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 'एसईसीएल के सुश्रुत' भारत सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पोर्टल पर सूचीबद्ध होने वाली किसी भी कोल पीएसयू की पहली और एकमात्र सीएसआर योजना भी बन चुकी है। यह इसकी मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था तथा तकनीक आधारित पारदर्शी सेवा वितरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

'एसईसीएल के सुश्रुत' के माध्यम से एसईसीएल खनन क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करते हुए देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भविष्य के योग्य चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का तबादला, 12 जिलों के SP बदले, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 24 अधिकारियों के तबादले किए हैं। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के तहत एक आईजी रेंज, कई डीआईजी, एआईजी और 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) की नई पदस्थापना की गई है।


आदेश के अनुसार अजय कुमार यादव को राजनांदगांव रेंज का पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। वहीं, राजनांदगांव रेंज के तत्कालीन आईजी बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा प्रशांत कुमार अग्रवाल, जो अब तक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) बस्तर क्षेत्र में आईजी के पद पर थे, उन्हें भी पुलिस मुख्यालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।



राज्य सरकार ने जिला स्तर पर भी व्यापक बदलाव करते हुए दंतेवाड़ा, कोरिया, धमतरी, बलौदाबाजार-भाटापारा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, बालोद, सूरजपुर, कबीरधाम और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया है।

सरकार का कहना है कि प्रशासनिक आवश्यकता और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। नई पदस्थापना के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

छत्तीसगढ़ की इकलौती छात्रा, महासमुंद की बेटी का कमाल-इंटरनेशनल मून मिशन' के लिए रागनी साहू का राष्ट्रीय स्तर पर चयन

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रायपुर- महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह एक अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की होनहार छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन 'शक्तिसैट' (ShaktiSat) के लिए 'नेशनल फाइनलिस्ट' के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक अभियान की सूची में जगह बनाने वाली रागनी पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से चुनी गईं इकलौती छात्रा हैं।

देशभर से चुनी गईं सिर्फ 20 प्रतिभाएं

इस वैश्विक अभियान के तहत पूरे भारत से कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के बाद 'केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट' का चयन किया गया है, जिसमें रागनी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपना स्थान पक्का किया है। रागनी ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार (इन्नोवेशन) और इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूरे किए।

108 देशों के छात्र मिलकर बनाएंगे चंद्र उपग्रह

'मिशन शक्तिसैट' एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित विश्व के 108 देशों के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह (Moon Satellites) विकसित किए जाएंगे। इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा (Orbit) में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा। दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह (Surface) पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा।

इसरो (ISRO) द्वारा 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग

विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो (ISRO) द्वारा किया जाएगा। इससे पहले, रागनी साहू 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने वाली 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर होगा। यहाँ रागनी को इसरो व IN-SPACe के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।

नीति आयोग से सम्बद्ध है मिशन

यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन 'स्पेस किड्ज इंडिया' की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।

कलेक्टर और शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्कूल के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन को दिया। जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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